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हरियाणा के करनाल में पहलगाम आतंकी हमले के शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संत कबीर पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से वीर सपूत को याद किया।
इस दौरान शहीद विनय नरवाल की बहन सृष्टि ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके भाई की स्मृति में करनाल में एक चिकित्सा संस्थान का नामकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि परिवार आज भी इस दुखद घटना से पूरी तरह उबर नहीं पाया है।
पहली बरसी पर भावुक हुआ परिवार
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी के मौके पर शहीद के पिता राजेश नरवाल ने उस दर्दनाक दिन को याद किया।
उन्होंने कहा कि वह पल उनकी जिंदगी का सबसे कठिन समय था। “मैं सो रहा था, तभी मुझे बेटे के शहीद होने की खबर मिली। उस एक पल ने मेरी पूरी दुनिया बदल दी,” उन्होंने भावुक होते हुए कहा।
“गर्व भी है, दर्द भी”
राजेश नरवाल ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, लेकिन एक पिता के रूप में इस सच्चाई को स्वीकार करना आज भी बेहद कठिन है। उन्होंने बताया कि शुरू में उन्हें लगता था कि उनका बेटा अभी वापस आ जाएगा, लेकिन धीरे-धीरे हकीकत का एहसास हुआ।
उन्होंने कहा, “उसकी यादें ही अब मेरे पास हैं, और वही यादें सबसे ज्यादा रुलाती हैं।”
क्या हुआ था पहलगाम में?
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। शहीदों में भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शामिल थे।

