मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की रहस्यमयी मौत के मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है। फोरेंसिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि परिवार के सदस्यों की मौत जिंक फॉस्फाइड नामक जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई थी। इस खुलासे के बाद शुरुआती जांच में हुई पुलिस की कथित लापरवाही भी सवालों के घेरे में आ गई है।
घर में मिली थी चूहे भगाने वाली स्प्रे बोतल
जांच के दौरान पुलिस को मृतकों के घर से चूहे भगाने वाली एक स्प्रे बोतल मिली थी। बताया गया कि यह स्प्रे “हर्बल” बताई जा रही थी, इसलिए मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने उसे जांच के लिए जब्त नहीं किया।
क्यों नहीं ली गई जांच के लिए? रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- स्प्रे पर हर्बल मिश्रण लिखा था
- उसमें किसी केमिकल की स्पष्ट जानकारी नहीं थी
- इसी कारण फोरेंसिक टीम ने उसे गंभीरता से नहीं लिया
अब इसी फैसले को लेकर पुलिस और फोरेंसिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
तरबूज में मिलाकर खाया गया था जहर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने तरबूज में मिलाकर चूहे मारने की दवा का सेवन किया था। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में मृतकों के शरीर से जिंक फॉस्फाइड मिलने की पुष्टि हुई है।
FSL रिपोर्ट में क्या मिला?
7 मई को पुलिस को मिली रिपोर्ट में बताया गया कि मृतकों के:
- लिवर
- किडनी
- तिल्ली (स्प्लीन)
- पेट के अंश
- पित्त
- पेट की चर्बी
के नमूनों में जिंक फॉस्फाइड मौजूद था।
बेहद खतरनाक होता है जिंक फॉस्फाइड
विशेषज्ञों के मुताबिक, जिंक फॉस्फाइड एक अत्यधिक जहरीला रसायन है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहे मारने की दवा में किया जाता है। यह शरीर में पहुंचते ही जहरीली गैस बनाता है, जो कुछ ही समय में जानलेवा साबित हो सकती है।
क्राइम ब्रांच ने शुरू की समानांतर जांच
फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद अब मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-1 ने मामले की पैरेलल जांच शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के मुताबिक, अब यह जांच की जा रही है कि:
- जहर घर तक कैसे पहुंचा
- क्या यह आत्महत्या का मामला है
- या किसी साजिश के तहत जहर दिया गया
पुलिस की शुरुआती जांच पर उठे सवाल
घर में मौजूद स्प्रे बोतल को नजरअंदाज किए जाने के बाद अब जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में मौके से मिली हर वस्तु की जांच जरूरी होती है, चाहे वह पहली नजर में सामान्य ही क्यों न लगे।
परिवार की मौत से इलाके में सनसनी
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी को अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
अब किन बिंदुओं पर होगी जांच?
क्राइम ब्रांच अब कई पहलुओं पर जांच कर रही है:
जांच के मुख्य बिंदु
- जिंक फॉस्फाइड का स्रोत क्या था
- क्या स्प्रे बोतल में भी जहरीला तत्व था
- परिवार ने खुद जहर खाया या उन्हें दिया गया
- क्या किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका है
- शुरुआती जांच में क्या लापरवाही हुई
फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद बदल सकती है जांच की दिशा
फिलहाल यह मामला सिर्फ एक संदिग्ध मौत नहीं बल्कि संभावित लापरवाही और आपराधिक जांच का विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में फोरेंसिक और क्राइम ब्रांच की विस्तृत जांच से इस पूरे मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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