मोबाइल चोरी और गुम होने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन ऐसे मामलों में मोबाइल रिकवरी को लेकर बरेली पुलिस ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश में मोबाइल रिकवरी के मामले में बरेली एक बार फिर पहले स्थान पर पहुंच गया है।
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर जारी आंकड़ों में बरेली का रिकवरी रेट 76.44 प्रतिशत दर्ज किया गया है। यह प्रदर्शन प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले सबसे बेहतर माना जा रहा है।
Highlights:
- मोबाइल रिकवरी में बरेली फिर बना उत्तर प्रदेश का नंबर-1 जिला
- 208 में से 159 मोबाइल पुलिस ने बरामद किए
- 76.44% रिकवरी रेट के साथ लगातार चौथी बार शीर्ष स्थान
देश में मोबाइल रिकवरी में यूपी का 16वां स्थान
मोबाइल खोने और चोरी होने के मामलों में रिकवरी को लेकर जारी राष्ट्रीय आंकड़ों में उत्तर प्रदेश को देशभर में 16वां स्थान मिला है। पुलिस विभाग के मुताबिक मोबाइल रिकवरी में देश में सबसे आगे लक्षद्वीप है। दूसरे स्थान पर अंडमान एंड निकोबार और तीसरे नंबर पर आंध्र प्रदेश का नाम शामिल है। हालांकि राज्य स्तर पर भले ही उत्तर प्रदेश की रैंकिंग पीछे रही हो, लेकिन जिला स्तर पर बरेली ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
बरेली ने फिर हासिल किया पहला स्थान
प्रदेश के जिलों की सूची में बरेली लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। पिछले एक महीने के दौरान जिले में कुल 208 मोबाइल फोन ट्रेस किए गए। इनमें से 159 मोबाइल फोन पुलिस ने सफलतापूर्वक बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुंचाए। इसी उपलब्धि के चलते बरेली का रिकवरी रेट 76.44 प्रतिशत दर्ज किया गया।
लगातार चौथी बार नंबर-1 बना बरेली
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरेली पिछले चार बार से मोबाइल रिकवरी में प्रदेश में पहला स्थान बनाए हुए है। यह उपलब्धि पुलिस की सक्रियता और तकनीकी निगरानी को दर्शाती है।
कैसे काम करता है मोबाइल रिकवरी सिस्टम?
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से मोबाइल चोरी या गुम होने की शिकायत दर्ज करने के लिए विशेष पोर्टल उपलब्ध कराया गया है।
शिकायत के बाद शुरू होती है ट्रैकिंग
- पीड़ित पोर्टल पर मोबाइल की जानकारी दर्ज करता है
- इसके बाद पुलिस मोबाइल की लोकेशन और एक्टिविटी ट्रैक करती है
- मोबाइल मिलने पर उसे सत्यापन के बाद मालिक को सौंप दिया जाता है
इस प्रक्रिया से हजारों लोगों को अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिल रहे हैं।
एसएसपी अनुराग आर्य ने क्या कहा?
बरेली के एसएसपी ने कहा कि मोबाइल रिकवरी को लेकर पुलिस टीमों को लगातार निर्देश दिए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि तकनीकी टीमों की मदद से मोबाइल ट्रेसिंग अभियान को तेज किया गया है, जिसका परिणाम अब रिकॉर्ड रिकवरी रेट के रूप में सामने आ रहा है।
तकनीक और पुलिस समन्वय बना सफलता की वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम, त्वरित कार्रवाई और साइबर टीम की सक्रियता मोबाइल रिकवरी में अहम भूमिका निभा रही है। बरेली पुलिस की यह उपलब्धि दूसरे जिलों के लिए भी उदाहरण बन सकती है, जहां मोबाइल चोरी और गुम होने के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मोबाइल रिकवरी के मामले में बरेली ने एक बार फिर साबित किया है कि बेहतर तकनीक और सक्रिय पुलिसिंग से अच्छे परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। 76.44 प्रतिशत रिकवरी रेट के साथ जिले ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि आम लोगों का भरोसा भी मजबूत किया है।
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