दिल्ली में घर बनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली सरकार ने भवन निर्माण पर लगने वाले आधारभूत शुल्क को कम करने का फैसला लिया है। दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया, जिससे हजारों संपत्ति मालिकों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता में कहा कि नई व्यवस्था के तहत अब शुल्क भूखंड के आकार के बजाय पानी के उपयोग के आधार पर तय किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे लोगों पर आर्थिक बोझ कम होगा और प्रक्रिया भी आसान बनेगी।
Highlights:
- दिल्ली में भवन निर्माण पर आधारभूत शुल्क घटाया गया
- E, F, G और H श्रेणी की कॉलोनियों को 50% तक छूट
- अब भूखंड के आकार नहीं, पानी के उपयोग के आधार पर लगेगा शुल्क
दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में लिया गया बड़ा फैसला
की बैठक में भवन निर्माण से जुड़े आधारभूत शुल्क को तर्कसंगत बनाने का निर्णय लिया गया। सरकार के अनुसार पहले यह शुल्क काफी अधिक था, जिसके कारण लोग इसे जमा करने से बचते थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद दिल्ली में पानी और सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इस व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
अब कैसे तय होगा आधारभूत शुल्क?
नई व्यवस्था के तहत अब शुल्क भूखंड के आकार के बजाय वास्तविक जल उपयोग के आधार पर लिया जाएगा।
सिर्फ नए निर्माण पर लागू होगा नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
- यह शुल्क केवल नए निर्माण पर लागू होगा
- पुनर्निर्माण के मामलों में जल आवश्यकता नहीं बढ़ने पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा
- खाली भूखंड को निर्माण क्षेत्र में शामिल नहीं किया जाएगा
इस बदलाव से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो पुराने मकानों का पुनर्निर्माण कर रहे हैं।
इन कॉलोनियों को मिलेगी 50 प्रतिशत तक छूट
सरकार ने अलग-अलग श्रेणी की कॉलोनियों के लिए विशेष राहत का भी ऐलान किया है।
किन कॉलोनियों को फायदा?
- E और F श्रेणी की कॉलोनियों को 50% तक छूट
- G और H श्रेणी की कॉलोनियों को भी 50% राहत
सरकार का कहना है कि इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने क्या कहा?
दिल्ली के जल मंत्री ने बताया कि 200 वर्ग मीटर के भूखंड पर नया घर बनाने के दौरान पानी और सीवर कनेक्शन के लिए आधारभूत शुल्क लिया जाता है।
उन्होंने कहा कि पहले यह शुल्क पानी के उपयोग के आधार पर लिया जाता था, लेकिन बाद में इसे भूखंड के आकार से जोड़ दिया गया, जिससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया।
अब खत्म होगी इंजीनियर की माप प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत अब दिल्ली जल बोर्ड का इंजीनियर घर जाकर निर्माण क्षेत्र की माप नहीं करेगा।
- संपत्ति मालिक द्वारा दिए गए दस्तावेजों के आधार पर शुल्क तय होगा
- इससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी
- लोगों को अनावश्यक जांच और देरी से राहत मिलेगी
चुनावी वादा पूरा करने का दावा
सरकार ने कहा कि भाजपा के चुनावी संकल्प पत्र में आधारभूत शुल्क कम करने का वादा किया गया था, जिसे अब लागू कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से दिल्ली में भवन निर्माण को बढ़ावा मिल सकता है और लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव कम होगा।
दिल्ली सरकार द्वारा आधारभूत शुल्क में कटौती का फैसला आम लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। नए नियमों से घर निर्माण की प्रक्रिया सस्ती और सरल बनने की उम्मीद है। खासकर मध्यम वर्ग और पुनर्निर्माण कराने वाले परिवारों को इस फैसले से सीधा लाभ मिल सकता है।
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