राजधानी दिल्ली में एक बार फिर जल संकट गहराने लगा है। वजीराबाद और चंद्रावल जल शोधन संयंत्रों से पानी की आपूर्ति कम होने के कारण कई इलाकों में लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह से हरियाणा की ओर से यमुना नदी में कम पानी छोड़े जाने और अमोनिया का स्तर बढ़ने से यह स्थिति बनी है। इसका असर अब दिल्ली के उत्तरी, उत्तर-पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है।
Highlights:
- वजीराबाद और चंद्रावल प्लांट से पानी सप्लाई में कमी
- यमुना में कम जल प्रवाह और बढ़ा अमोनिया बना वजह
- कई इलाकों में बढ़ सकती है पेयजल संकट की समस्या
क्यों कम हो रही है पानी की सप्लाई?
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार यमुना नदी में जल स्तर लगातार घट रहा है। जलाशय का स्तर पहुंचा नीचे दोनों जल शोधन संयंत्रों को पर्याप्त क्षमता से चलाने के लिए वजीराबाद बैराज का जलस्तर 674.5 फीट होना जरूरी है, लेकिन फिलहाल यह घटकर करीब 669.8 फीट तक पहुंच गया है। कम जलस्तर के कारण:
- वजीराबाद संयंत्र से 25 प्रतिशत कम पानी मिल रहा है
- चंद्रावल संयंत्र से 10 प्रतिशत तक आपूर्ति प्रभावित हुई है
किन इलाकों पर पड़ रहा असर?
वजीराबाद और चंद्रावल जल संयंत्रों से राजधानी के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति की जाती है। इन क्षेत्रों में बढ़ी परेशानी कम पानी मिलने का असर मुख्य रूप से:
- उत्तरी दिल्ली
- उत्तर-पश्चिमी दिल्ली
- मध्य दिल्ली
के इलाकों में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई का समय कम हो गया है, जबकि कुछ जगहों पर दबाव भी काफी घट गया है।

अमोनिया स्तर बढ़ने से बढ़ी समस्या
जल बोर्ड अधिकारियों के अनुसार यमुना नदी में अमोनिया की मात्रा बढ़ने से भी जल शोधन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। पानी साफ करने में हो रही दिक्कत विशेषज्ञों का कहना है कि:
- अधिक अमोनिया वाला पानी शोधन में मुश्किल पैदा करता है
- इससे संयंत्रों की क्षमता प्रभावित होती है
- साफ पानी की आपूर्ति कम हो जाती है
गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
जल बोर्ड ने क्या कहा?
अधिकारियों के अनुसार यदि यमुना का जलस्तर इसी तरह घटता रहा तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और बढ़ सकता है। हरियाणा सरकार से हो रही बातचीत जल बोर्ड ने बताया कि:
- हरियाणा सरकार से अतिरिक्त पानी छोड़ने को लेकर बातचीत चल रही है
- हथनीकुंड बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़ने का प्रयास किया जा रहा है
- मुनक नहर का पानी वजीराबाद की ओर मोड़ने की योजना पर काम हो रहा है
ताकि दोनों जल संयंत्र अपनी पूरी क्षमता से काम कर सकें।

दिल्ली को रोज कितने पानी की जरूरत?
दिल्ली में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर आंकड़ों के अनुसार:
- दिल्ली को रोज करीब 1250 एमजीडी पानी की जरूरत होती है
- सभी जल शोधन संयंत्रों से लगभग 1000 एमजीडी पानी मिल पाता है
- गर्मियों में पानी की मांग और बढ़ जाती है
इसी वजह से हर साल गर्मी के मौसम में जल संकट की स्थिति पैदा हो जाती है। दिल्ली में यमुना के घटते जलस्तर और बढ़ते अमोनिया स्तर ने जल संकट की स्थिति को गंभीर बना दिया है। वजीराबाद और चंद्रावल जल संयंत्रों से कम पानी मिलने का असर अब कई इलाकों में महसूस किया जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में राजधानी के लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ और लुधियाना मेयर को बम से उड़ाने की धमकी, निगम कमिश्नर को आया ईमेल
