फरीदाबाद में अवैध कॉलोनियों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। यमुना की तलहटी से लेकर ग्रेटर फरीदाबाद तक बड़े स्तर पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही है। अब जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट विभाग ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है, जो इंटरनेट मीडिया पर अवैध कॉलोनियों का प्रचार कर रहे हैं।
विभाग ने पहली बार सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नजर रखते हुए कई लोगों को नोटिस जारी किए हैं। चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
Highlights:
- इंटरनेट पर अवैध कॉलोनियों का प्रचार करने वालों पर सख्ती
- विभाग ने छह लोगों को भेजे नोटिस
- यमुना तलहटी और ग्रेटर फरीदाबाद में तेजी से हो रही अवैध प्लॉटिंग
सोशल मीडिया पर चल रहा अवैध प्लॉटिंग का खेल
जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट विभाग ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी बढ़ा दी है। वीडियो बनाकर बेचे जा रहे प्लॉट विभाग के अनुसार कई लोग:
- सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर रहे हैं
- अवैध कॉलोनियों को वैध बताकर प्रचार कर रहे हैं
- बेहतर कनेक्टिविटी और भविष्य के विकास के नाम पर लोगों को लुभा रहे हैं
इन वीडियो में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अन्य परियोजनाओं का हवाला देकर निवेश के सपने दिखाए जा रहे हैं।
छह लोगों को भेजे गए नोटिस
विभाग ने अवैध कॉलोनियों के प्रचार में शामिल लोगों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। सात दिन में मांगा जवाब जानकारी के मुताबिक:
- सिराज
- दीपक चौहान
- रघुवंशी
- अखिलेश
- आरव प्रॉपर्टी
सहित अन्य लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी पर इंटरनेट मीडिया के जरिए अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने के लिए लोगों को प्रेरित करने का आरोप है।
ग्रेटर फरीदाबाद में तेजी से फैल रहीं अवैध कॉलोनियां
फरीदाबाद और पलवल के कई गांवों में बड़े स्तर पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही है। कनेक्टिविटी के नाम पर बेचे जा रहे प्लॉट कॉलोनाइजर लोगों को यह कहकर आकर्षित कर रहे हैं कि:
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पास में है
- भविष्य में इलाके का तेजी से विकास होगा
इन्हीं दावों के आधार पर लोग प्लॉट खरीद रहे हैं।
मास्टर प्लान 2031 को खतरा
हरियाणा राज्य औद्योगिक व अवसंरचना विकास निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण भविष्य की बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। नौ हजार एकड़ जमीन अधिग्रहण प्रस्तावित योजना के अनुसार:
- ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक शहर बसाए जाएंगे
- फरीदाबाद और पलवल के नौ गांवों की जमीन ली जानी है
- ग्रेटर फरीदाबाद में नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे
लेकिन इन इलाकों में तेजी से हो रही अवैध प्लॉटिंग से मास्टर प्लान प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
यमुना की तलहटी में भी बस रहीं कॉलोनियां
यमुना किनारे के क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। बाढ़ के बावजूद लोग खरीद रहे प्लॉट
दिल्ली से सटे बसंतपुर गांव में:
- 5 हजार से 7 हजार रुपये प्रति वर्गगज के हिसाब से प्लॉट बेचे गए
- हजारों लोगों ने मकान बना लिए
- बारिश और बाढ़ के दौरान कई मकान डूब जाते हैं
इसके बावजूद लोग सस्ते प्लॉट के लालच में निवेश कर रहे हैं।
विभाग ने दी सख्त चेतावनी
डीटीपीई यजन चौधरी ने साफ कहा है कि अवैध कॉलोनियों का ऑनलाइन प्रचार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। FIR दर्ज करने की तैयारी विभाग का कहना है कि:
- अवैध कॉलोनी का प्रचार अपराध माना जाएगा
- सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी की जा रही है
- जवाब संतोषजनक न मिलने पर FIR दर्ज होगी
फरीदाबाद में तेजी से बढ़ती अवैध कॉलोनियों को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख अपनाता दिख रहा है। इंटरनेट मीडिया के जरिए लोगों को लुभाकर प्लॉट बेचने वालों पर कार्रवाई शुरू होने से आने वाले दिनों में ऐसे मामलों पर रोक लगने की उम्मीद है। साथ ही प्रशासन लोगों से भी अपील कर रहा है कि किसी भी प्लॉट में निवेश से पहले उसकी वैधता की जांच जरूर करें।
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