बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार और ग्लोबल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। आज 21 सितंबर को कारोबारी हफ्ते के दौरान सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जहां एक ओर सोने की कीमतों में ₹1700 तक की बड़ी नरमी देखने को मिली है, वहीं दूसरी ओर विदेशी मार्केट एक्सपर्ट्स की भविष्यवाणियों ने निवेशकों और आम खरीदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
यदि आप भी त्योहारों के इस सीजन में सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले आज के लेटेस्ट रेट्स जरूर जान लें।
सोने-चांदी के दामों में क्यों आई गिरावट? (Gold Silver Price Drop Reason)
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बदलाव के कारण कीमती धातुओं के दामों पर दबाव बना हुआ है। घरेलू सर्राफा बाजार में मुनाफावसूली (Profit-booking) के चलते सोने और चांदी दोनों के हाजिर और वायदा भाव में नरमी दर्ज की गई है।
वैश्विक बाजारों से मिले सुस्त संकेतों और घरेलू मांग में आए मामूली ठहराव की वजह से कीमतों में ₹1700 तक की बड़ी गिरावट आई है, जिससे खरीदारी करने वालों को अस्थायी राहत मिली है।
एक्सपर्ट की बड़ी भविष्यवाणी: क्या ₹3 लाख के पार जाएगा सोना?
इस गिरावट के बीच वैश्विक वित्तीय सेवा फर्म जेफरीज (Jefferies) की एक रिपोर्ट ने बाजार में हलचल मचा दी है। जेफरीज के मुताबिक, आने वाले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड की कीमतें 10,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर सकती हैं।
यदि भारतीय रुपये में इसका हिसाब लगाएं, तो यह कीमत ₹3.08 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बैठती है। जानकारों का मानना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के बाद लंबी अवधि (Long-term) में सोने और चांदी के दाम फिर से नया रिकॉर्ड बना सकते हैं।

प्रमुख शहरों में सोने और चांदी का ताजा भाव (Check Latest Rates)
देश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के औसतन रेट्स में सुस्ती देखी गई है:
- दिल्ली-एनसीआर: दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, वहीं चांदी के भाव भी सुस्त पड़े हैं।
- मुंबई व कोलकाता: महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के बाजारों में भी सोने की दरों में नरमी दर्ज की गई है।
- चेन्नई व दक्षिण भारत: दक्षिण भारतीय बाजारों में स्थानीय करों और लॉजिस्टिक्स के चलते कीमतें थोड़ी भिन्न हैं, लेकिन रुझान गिरावट की ओर ही है।
सोने-चांदी में निवेश करें या इंतजार करें?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए गिरावट का यह दौर खरीदारी (Buy on Dips) का अच्छा मौका हो सकता है। त्योहारों और शादियों के सीजन से पहले कीमतों में आई यह राहत रिटेल खरीदारों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि, किसी भी बड़े निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय अवश्य लें।

