(Highlights):
- यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में देर रात एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई।
- हादसे में 9 यात्रियों की झुलसने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हैं।
- सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
- शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है।
जेवर (ग्रेटर नोएडा)। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक बेहद दुखद सड़क हादसा सामने आया है। यहां एक चलती स्लीपर बस में अचानक आग लग जाने के कारण 9 यात्रियों की जलकर मौत हो गई। यह घटना देर रात उस समय हुई जब ज्यादातर यात्री नींद में थे। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एक्सप्रेसवे सुरक्षा बल और अग्निशमन विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घायल यात्रियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निजी स्लीपर बस यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। जैसे ही बस ग्रेटर नोएडा सीमा के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंची, उसके पिछले हिस्से से अचानक धुआं निकलने लगा। जब तक चालक और यात्री कुछ समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

बस में स्लीपर केबिन और फाइबर का सामान होने के कारण लपटें तेजी से फैलीं। रात का समय होने के कारण अधिकांश यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने और बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। चीख-पुकार सुनकर आसपास से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने पुलिस को सूचित किया और बचाव का प्रयास किया।
राहत कार्य और घायलों का उपचार
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग इतनी भीषण थी कि बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। पुलिस और राहत कर्मियों ने खिड़कियों के कांच तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला।
अस्पताल पहुंचाए गए घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिला प्रशासन ने डॉक्टरों की विशेष टीम को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पहचान और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है।
यात्रियों और वाहन चालकों पर असर
इस हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को क्रेन की मदद से हटाकर मार्ग को सुचारू कराया। लंबी दूरी की स्लीपर बसों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों में भय का माहौल है और यात्रियों ने रात के समय एक्सप्रेसवे पर गश्त और आपातकालीन व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
प्रशासनिक बयान और जांच के आदेश
स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक:

“प्राथमिक दृष्टि से आग लगने का कारण वाहन में शॉर्ट सर्किट या कोई तकनीकी खराबी प्रतीत हो रहा है। फॉरेंसिक टीम और परिवहन विभाग की तकनीकी टीम को मौके पर जांच के लिए बुलाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के सटीक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। दोषियों या लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को सूचित करने और हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है।

