दक्षिण दिल्ली के नेहरू प्लेस और कालकाजी इलाके में स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ हुए खौफनाक सामूहिक दुष्कर्म मामले में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक, आसिफ, पहले दिल्ली पुलिस के लिए मुखबिर (Informer) के रूप में काम कर चुका है।
पीड़िता की सूझबूझ, आरोपियों के हुलिए की सटीक जानकारी और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) द्वारा जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों के बल पर पुलिस ने इस जघन्य अपराध की कड़ियों को आपस में जोड़ा है।
पीड़िता की बहादुरी और कपड़ों के रंग से मिला सुराग
अमर कॉलोनी थाने में दर्ज एफआईआर (FIR) के अनुसार, पीड़िता ने घटना के बाद हिम्मत दिखाते हुए पुलिस की जांच में बड़ी भूमिका निभाई। उसने आरोपियों के कपड़ों के रंग, उनके शारीरिक हुलिए और एक-दूसरे को बुलाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नामों के बारे में सटीक जानकारी दी:
- कपड़ों का विवरण: एक आरोपी ने बैंगनी रंग की शर्ट, दूसरे ने काले और तीसरे ने लाल रंग के कपड़े पहने थे।
- पहचान की कड़ी: किशोरी द्वारा बताए गए हुलिए और नाम के आधार पर पुलिस ने तुरंत आसिफ को चिन्हित किया।
- पुराना बैकग्राउंड: आसिफ पहले पुलिस के लिए मुखबिर का काम करता था और वर्ष 2025 में आस्था कुंज पार्क के पास एक अमेरिकी नागरिक से हुई मोबाइल छिनैती की घटना के दौरान भी पूछताछ के दायरे में आया था।
फर्जी पुलिसकर्मी बनकर दिया वारदात को अंजाम
घटना 21 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे की है। किशोरी अपने जन्मदिन पर इस्कॉन मंदिर में दर्शन के लिए गई थी। दर्शन के बाद वह शंभू दयाल बाग के पास आस्था कुंज पार्क के गेट नंबर-8 के पास अपने दोस्त के साथ बैठी थी।

इसी दौरान तीनों आरोपी वहां पहुंचे। उन्होंने किशोरी के दोस्त को थप्पड़ मारा, दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए और खुद को पुलिसकर्मी बताकर रौब दिखाने लगे। जब किशोरी ने विरोध किया और अपनी मां से बात कराने की मांग की, तो आरोपियों ने चाकू और पिस्टल दिखाकर उन्हें डरा दिया। इसके बाद दो आरोपी उसे पार्क के नर्सरी वाले हिस्से में ले गए और तीनों ने बारी-बारी से घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
घटनास्थल से मिले DNA साक्ष्य, फॉरेंसिक जांच जारी
वारदात के बाद किशोरी खुद पुलिस टीम को घटनास्थल तक ले गई। उसकी निशानदेही पर FSL रोहिणी और जिला मोबाइल क्राइम टीम ने पूरे मौके का निरीक्षण किया:
- जैविक साक्ष्य बरामद: फॉरेंसिक टीम ने मौके से जैविक सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।
- DNA प्रोफाइलिंग: जुटाए गए साक्ष्यों की डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है, जिसे कोर्ट में मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य (Scientific Evidence) के तौर पर पेश किया जाएगा।
- CCTV खंगाल रही पुलिस: पुलिस आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों के पार्क में आने और जाने के सही रास्तों की पुष्टि की जा सके।
LG और LSR कॉलेज का एक्शन
इस घटना के बाद राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आक्रोश फैल गया है। लेडी श्रीराम (LSR) कॉलेज की छात्राओं के प्रदर्शन के बाद कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का फैसला लिया। वहीं, दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) ने दिल्ली के सभी प्रमुख पार्कों का 1 सप्ताह के भीतर सुरक्षा ऑडिट (Security Audit) कराने का कड़ा आदेश जारी किया है।
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