नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के आली गांव में अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की 8.48 एकड़ जमीन पर बने लगभग 1800 अवैध मकानों और दुकानों को खाली कराने की दी गई मोहलत समाप्त हो गई है। साकेत जिला अदालत के आदेश के बाद अब प्रशासन भारी पुलिस बल और कोर्ट बेलिफ की मौजूदगी में कार्रवाई की तैयारी में है।
1800 मकानों और दुकानों को हटाने का आदेश
आली गांव में आली चौक से शिव मंदिर तक पुश्ता रोड के दोनों तरफ लगभग 1500 निर्माणों और पीर मोहल्ला के करीब 300 मकानों पर पहले ही बेदखली के नोटिस चस्पा किए गए थे।

- जमीन का दायरा: उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की 8.48 एकड़ भूमि।
- कार्रवाई का आधार: साकेत जिला न्यायालय का आदेश।
- अवधि: अगले तीन दिनों तक अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों का विरोध और धरना

प्रशासनिक कार्रवाई की खबर के बीच स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पीर मोहल्ला और आली गांव के कई निवासी शिव मंदिर के पास धरने पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक सालों पुराने आशियाने और कारोबार छोड़ना संभव नहीं है। लोगों का यह भी तर्क है कि उनके मकान दिल्ली सरकार की लाल डोरा जमीन में आते हैं।


