फरीदाबाद, हरियाणा। जग की रचना करने वाले क्या-क्या खेल रचाते हैं — इसी भाव को साकार करती भव्य प्रस्तुति श्री विजय रामलीला कमेटी (रजि.), मार्केट नंबर-1, एनआईटी फरीदाबाद के ऐतिहासिक एवं पौराणिक मंच पर देखने को मिली। सीता स्वयंवर के मनमोहक मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं, विश्व प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर श्री सोनू शर्मा जी के आगमन पर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
पुष्प वाटिका में हुआ श्रीराम और माता सीता का प्रथम मिलन
रामलीला के दौरान जनक नगरी की पुष्प वाटिका में भगवान श्रीराम और माता जानकी के प्रथम मिलन का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया गया। भगवान श्रीराम की भूमिका में निशांत नागपाल तथा माता सीता की भूमिका में दीपांशी अरोड़ा ने अपने अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। सीताराम मिलन के मधुर गीत ने इस दिव्य प्रसंग को और भी भावपूर्ण बना दिया। दर्शक इस मनोहारी दृश्य को देखकर भावविभोर हो उठे।
शिव धनुष तोड़ने के लिए राजाओं ने लगाया जोर
इसके बाद सीता स्वयंवर का प्रसंग आगे बढ़ा, जिसमें देश-विदेश से आए राजाओं ने भगवान शिव के धनुष को उठाने और प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास किया। इस दृश्य में पंडित रघुनाथ शर्मा जी और कमेटी के पुराने कलाकार रमेश नागपाल ने अपने हास्य अभिनय से खूब मनोरंजन किया। वहीं, रावण की भूमिका में कमल सलूजा ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
अंततः भगवान श्रीराम ने शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाकर स्वयंवर की शर्त पूरी की, जिसके बाद माता सीता ने उनके गले में वरमाला डालकर उन्हें अपने वर के रूप में स्वीकार किया। इस भव्य दृश्य के साथ पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के जयकारों और तालियों से गूंज उठा।
परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बांधा समां
सीता स्वयंवर के बाद मंच पर भगवान परशुराम की भूमिका में टेकचन्द नागपाल का प्रवेश हुआ। इसके बाद लक्ष्मण और परशुराम के बीच तीखे संवादों ने मंच पर उत्साह और रोमांच का माहौल बना दिया। लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे नितिन शर्मा के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। कलाकारों के प्रभावशाली संवाद और शानदार अभिनय ने इस पौराणिक प्रसंग को जीवंत कर दिया।
आज होगी भजन संध्या और सीताराम विवाह की खुशियां
श्री विजय रामलीला कमेटी के मंच पर आज भव्य भजन संध्या के साथ सीता-राम विवाह का उत्सव मनाया जाएगा। आयोजन में आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक उल्लास के बीच माता सीता की अयोध्या आगमन की झांकी प्रस्तुत की जाएगी। वहीं, आगामी मंचन में भगवान श्रीराम के वनवास का मार्मिक प्रसंग दर्शकों के सामने प्रस्तुत होगा।
श्री विजय रामलीला कमेटी का यह आयोजन धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और पौराणिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ शहरवासियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

