श्री विजय रामलीला कमिटी, मार्किट नंबर 1 ने कल अपने स्वर्णिण मंच से वो दिखाया जो आज तक कभी देखने में नहीं आया। मंच पर हो रहे बनवास के दृश्य ने दर्शकों की आँखे आंसुओं से भिगो दी और मन राम वियोग से। पहले दृश्य में भगवान श्री राम (निशांत नागपाल) ने अपनी माता कौशल्या (मनोज शर्मा) से जाने की आज्ञा मांगी और माँ पुत्र के उस प्रसंग से पधारी जनता भाव विभोर होगयी, जिसमे श्री राम ने माता को अपने ही दिए संस्कारों का वास्ता देकर कहा – “लाज रख मईया मेरी, अपने दिए संस्कार की, अब दो विदाई राम को उसके नए संसार की” । तभी सीता (दीपांशी अरोड़ा) एवं लक्ष्मण (नितिन शर्मा) ने साथ चलने का आग्रह किया जिस पर श्री राम के साथ उनका बेहतरीन प्रसंग दर्शाया गया ।





अंत में तीनों ने बनवास की राह ली और भगवा वस्त्रों में पुत्रों को महल छोड़ते देख दशरथ(कमल सलूजा) के रुदन ने जैसे सबका मन जीत लिया। चेयरमैन टेकचंद नागपाल ने बताया की यह दृश्य सबसे अधिक रिहर्सल होने वाला दृश्य है क्यूंकि इसका सीधा संबंध लोगों के हृदय से होता है और जहाँ हृदय के तार छेड़ने हों वहां अभिनय के अधिक प्रयासों की ज़रूरत पड़ती है। अंत में महाराज दशरथ ने राम वियोग में प्राण त्याग दिए जिस दृश्य को देख मंच के अंदर और बाहर सभी की आँखे नम थी। अंतिम दृश्य में दिखाया गया किस तरह भगवान राम ने खेवट की नाव में बैठकर गंगा का किनारा पर किया ” भगवान को करने पार भगत की नाव चली” आज इसी मंच पर होगा राम भरत का मिलन।

