जिला स्तरीय बाल महोत्सव का भव्य समापन, 3 हजार प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
फरीदाबाद। जिला बाल कल्याण परिषद, फरीदाबाद की ओर से आयोजित चार दिवसीय जिला स्तरीय बाल महोत्सव का समापन समारोह भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समापन समारोह में हरियाणा सरकार के मंत्री राजेश नागर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक दीपक मंगला ने की, जबकि भाजपा के वरिष्ठ नेता सुखवीर मलेरना विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
समारोह में मंत्री राजेश नागर ने बाल कल्याण परिषद के विकास एवं उत्थान के लिए पांच लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने बल्लभगढ़ और तिगांव में लघु बाल भवनों के निर्माण के लिए भी आश्वासन दिया। उनकी इस घोषणा से बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में नई उम्मीद जगी है।
चार दिनों में 45 प्रतियोगिताएं, 3 हजार बच्चों की सहभागिता
चार दिवसीय बाल महोत्सव में फरीदाबाद जिले के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 3 हजार प्रतिभागियों ने सहभागिता की। महोत्सव के दौरान चार दिनों में कुल 45 प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें गायन, नृत्य, अभिनय, प्रहसन, नाटक, ललित कला, साहित्यिक गतिविधियां, संभाषण, सुलेख और प्रश्नोत्तरी सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं चार आयु वर्गों के आधार पर आयोजित की गईं।
महोत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, रचनात्मकता विकसित करने और आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया।
बच्चों की प्रतिभा को निखारना परिषद का उद्देश्य : राजेश नागर
मुख्य अतिथि मंत्री राजेश नागर ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी आज विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। इसी प्रकार सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक मंचों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को निखारने का कार्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बाल कल्याण परिषद बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध करा रही है। निश्चित रूप से ऐसे प्रयासों से हमारे बच्चे देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहराएंगे।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और व्यक्तित्व निर्माण की भावना विकसित होती है। बच्चों को बचपन से ही उचित मंच और प्रोत्साहन मिले तो वे भविष्य में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में अधिक सक्षम बनते हैं।
प्रतिस्पर्धा की भावना सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है : दीपक मंगला
कार्यक्रम अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक मंगला ने कहा कि जिन बच्चों में प्रतियोगिता और प्रतिस्पर्धा की भावना होती है, वे अपनी मंजिल आसानी से हासिल कर लेते हैं। मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने वाले बच्चे जीवन के मंच पर भी आत्मविश्वास के साथ सफलता प्राप्त करते हैं।
उन्होंने आश्वासन दिया कि फरीदाबाद जिला बाल कल्याण परिषद के विकास और बच्चों के उत्थान के लिए जिन मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता होगी, उन्हें वे मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे, ताकि बच्चों को बेहतर अवसर और सुविधाएं मिल सकें।
बाल प्रतिभाओं का प्रदर्शन देखकर अभिभूत हुए सुखवीर मलेरना
विशिष्ट अतिथि सुखवीर मलेरना ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा डागर और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। बच्चों की प्रस्तुतियों और उनकी कलात्मक क्षमता को देखकर उन्हें अत्यंत आनंद की अनुभूति हुई। ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर प्रदान करते हैं।
ग्रामीण बच्चों के लिए भी खुलेंगे विकास के नए द्वार : मीना कम्बोज
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की मानद महासचिव मीना कम्बोज ने आयोजन मंडल को महोत्सव की सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचल के बच्चों का भी सर्वांगीण विकास करना है। इसके लिए बल्लभगढ़ और तिगांव में लघु बाल भवन शुरू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर मंच मिल सके।
ऐसे आयोजन बच्चों को आत्मनिर्भर बनाते हैं : हनी बंसल
उपमंडल अधिकारी हनी बंसल ने कहा कि बाल महोत्सव जैसे आयोजनों से बच्चों को जीवन जीने की नई दिशा मिलती है। वे अनुशासन, सहयोग, आत्मविश्वास और रचनात्मकता जैसे गुण सीखते हैं। ऐसे अवसर बच्चों को आत्मनिर्भर बनाते हैं और वे अपनी मंजिल की ओर निर्बाध गति से आगे बढ़ सकते हैं।

वैदिक मंत्रों और संस्कृत कविता से हुआ कार्यक्रमों का शुभारंभ
महोत्सव के चारों दिनों में कार्यक्रमों का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप ज्योति मंत्र और नवीन रचित संस्कृत कविता के माध्यम से किया गया। डॉ. बाँके बिहारी ने भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपरा और संस्कृत भाषा की गरिमा को मंच पर विशेष स्थान दिया। मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ।
मंच संचालन डॉ. बाँके बिहारी, देवेंद्र गौड़, विक्रम विवेक और कमलेश ने प्रभावशाली ढंग से किया। मंच से प्रस्तुत सांस्कृतिक, साहित्यिक और प्रेरणादायक अभिव्यक्तियों ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
महोत्सव के प्रथम दिन डीसीपी हेमाद्रि कौशिक, दूसरे दिन हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की मानद महासचिव मीना कम्बोज और तीसरे दिन उपमंडल अधिकारी हनी बंसल ने कार्यक्रम में सहभागिता कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
निर्णायक मंडल और आयोजन टीम का रहा महत्वपूर्ण योगदान
प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष एवं सफल संचालन में निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निर्णायक मंडल में मनोज शास्त्री, रविकांत गुप्ता, मनीषा, संजय मिश्रा, अंशुल मिगलानी, दीपिका त्रिखा, पूजा गोयल, सुनील नागर, संदीप गुप्ता, बॉबी कुमार, विनोद कुमार, मोनिका, प्रीति, रेखा कादियान, हेमलता, भारती शर्मा सहित अन्य निर्णायकों ने अपनी सेवाएं दीं।
इस महोत्सव में मुख्य रूप से मंडल अधिकारी कमलेश शास्त्री और पुष्पेंद्र यादव, रेड क्रॉस सोसाइटी के संरक्षक वरिष्ठ भाजपा नेता विमल खंडेलवाल, रेड क्रॉस सोसाइटी सचिव गजेंद्र सिंह, पुरुषोत्तम सैनी , और अन्य सरकारी विभाग के अधिकारी रहे।
कार्यक्रम की व्यवस्था एवं नियंत्रण में प्राचार्य रूप किशोर, पूर्व प्राचार्य रविंद्र, सुनील नागर और डॉ. बाँके बिहारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम अधिकारी अनिल मोरवाल, मैडम अर्चना, मांगेराम, सुमित तथा परिषद के सभी कर्मचारियों ने आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने में योगदान दिया।
बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा डागर ने सभी निर्णायकों का उनके योगदान और गुणों के अनुरूप आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी विद्यालयों के शिक्षकों, अभिभावकों, कार्यक्रम प्रभारियों, कलाकारों और प्रतिभागी बच्चों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से ही चार दिवसीय बाल महोत्सव को एक यादगार उत्सव का रूप दिया जा सका।
समापन समारोह में बच्चों की प्रतिभा, सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना की गई। यह महोत्सव न केवल बच्चों की कला एवं कौशल को प्रदर्शित करने का मंच बना, बल्कि उनके आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित हुआ।

