गुरुग्राम। गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर रात ढाई बजे काम कर रहे श्रमिकों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे में दो श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि दो श्रमिक और कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को वाइब्रेंट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, लोहे की ग्रिल को डिवाइडर पर लगाने के लिए कई श्रमिक काम कर रहे थे। इसी दौरान दिल्ली की तरफ से आई तेज रफ्तार बीट कार ने चार श्रमिकों को टक्कर मार दी।
हादसे में कार चालक को भी गंभीर चोटें आई हैं। सभी को अस्पताल ले जाया गया। यहां दो श्रमिकों को मृत घोषित कर दिया गया। अभी इनकी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ठेकेदार की लापरवाही आई सामने
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर काम करा रहे ठेकेदार की लापरवाही उजागर हुई है। श्रमिकों के अनुसार व्यस्त और तेज रफ्तार सड़क पर काम के दौरान सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। मौके पर न तो कोई रिफ्लेक्टिव सावधानी बोर्ड लगाया गया था और न ही उचित बैरिकेडिंग की गई थी।
बताया गया कि सुरक्षा के नाम पर केवल दो-तीन छोटे लाल रंग के प्लास्टिक सेफ्टी कोन रखे गए थे, जो रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों को सचेत करने के लिए नाकाफी थे। श्रमिक पूरी तरह खुली सड़क पर काम कर रहे थे।
रात में अंधेरा होने के कारण कार ड्राइवर को सड़क पर काम कर रहे श्रमिक दिखाई नहीं दिए, जिससे यह हादसा हुआ।
बजघेड़ा थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

