गुरुग्राम। हरियाणा के उद्योगों को ब्रिटेन के बाजार से जोड़ने तथा प्रदेश से निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में आयोजित ‘Haryana UK CETA: Trade Bridge – Unlocking Global Opportunities for Haryana’ कार्यक्रम में IMT Industries Association, Faridabad (IIAF) के प्रधान प्रमोद राणा ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रमोद राणा ने स्मृति-चिह्न भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने India-UK CETA को हरियाणा के उद्योगों के लिए दूरदर्शी, समयानुकूल और अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इस समझौते से प्रदेश के उद्योगों को ब्रिटेन के विशाल बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। इस अवसर पर उनके साथ IIAF के ब्लॉक लीडर अमित खन्ना भी उपस्थित रहे।
प्रमोद राणा ने कहा कि CETA का सबसे बड़ा लाभ हरियाणा के Engineering, Textile, Footwear, Gems & Jewellery, Handicrafts तथा अन्य Export-oriented Industries को मिल सकता है। ब्रिटेन के बाजार में अनेक उत्पादों पर Zero Duty अथवा कम टैरिफ का लाभ मिलने से भारतीय उत्पादों की कीमत और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बेहतर होगी, जिससे हरियाणा के निर्यातकों के लिए नए बाजार और नए ग्राहक विकसित करने के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा आज देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल है और प्रदेश की MSME इकाइयां, इंजीनियरिंग उद्योग, ऑटो कंपोनेंट, टेक्सटाइल, फुटवियर तथा अन्य विनिर्माण क्षेत्र रोजगार और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। CETA जैसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते इन उद्योगों को घरेलू बाजार से आगे बढ़कर वैश्विक बाजार में अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
प्रमोद राणा ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा सरकार द्वारा उद्योगों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में MSME सेक्टर को मजबूत करने, निवेश को प्रोत्साहित करने, Ease of Doing Business को बेहतर बनाने, निर्यात को बढ़ावा देने तथा उद्योगों को विभिन्न प्रोत्साहन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय से ही हरियाणा को एक मजबूत Global Manufacturing एवं Export Hub बनाया जा सकता है। CETA इस दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसका लाभ उठाकर हरियाणा की औद्योगिक इकाइयां अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार कर यूके सहित अन्य वैश्विक बाजारों में विस्तार कर सकती हैं।

प्रमोद राणा ने प्रदेश के उद्योगपतियों से आह्वान किया कि वे इस नए अवसर को गंभीरता से लें और अपने कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि हरियाणा के उद्योगों में क्षमता की कोई कमी नहीं है; जरूरत केवल सही बाजार, सही नीति और सही अवसर को प्रभावी ढंग से अपनाने की है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि India-UK CETA से हरियाणा के उद्योगों को आने वाले समय में बड़ा लाभ मिलेगा, निर्यात बढ़ेगा, निवेश के नए अवसर पैदा होंगे और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
“हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—हरियाणा में बने उत्पादों को दुनिया के बाजार तक पहुंचाना और ‘Made in Haryana’ को ‘Made for the World’ की पहचान दिलाना।” — प्रमोद राणा
