संवाददाता प्रमोद कुमार जायसवाल दिल्ली द्वारका
दिल्ली में द्वारका जिले की एंटी-बर्गलरी सेल ने चोरी और सेंधमारी के मामलों में कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने के आभूषण व महिलाओं के कपड़ों से भरा बैग और 3 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी से चोरी/सेंधमारी के 4 मामलों को सुलझाने में सफलता मिली है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 35 वर्षीय मनोज यादव, निवासी ग्राम बारीपुरा, थाना छौराही, जिला बेगूसराय, बिहार के रूप में हुई है। आरोपी दशरथ पुरी मेट्रो स्टेशन के पास ई-रिक्शा चलाने का काम करता था।
पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 को एंटी-बर्गलरी सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि मनोज यादव महावीर एन्क्लेव, डाबरी स्थित एमएलए ऑफिस रोड के पास एल-ब्लॉक नाले पर चोरी का सामान बेचने के लिए किसी खरीदार से मिलने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की।
कुछ समय बाद आरोपी ई-रिक्शा से मौके पर पहुंचा। पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया तो उसने ई-रिक्शा पीछे लेकर भागने की कोशिश की। हालांकि, पीछे से रणनीतिक रूप से तैनात हेड कांस्टेबल अनिल ने उसे रोक लिया और टीम ने आरोपी को दबोच लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी की जींस की जेब से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। तकनीकी जांच और सीडीआर सेल के सत्यापन में तीनों मोबाइल चोरी के पाए गए। इसके अलावा उसके कब्जे से एक बैग बरामद हुआ, जिसमें पीली धातु की चेन, पीली धातु के लॉकेट वाली काले मोतियों की माला और महिलाओं के कपड़े थे।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि ‘कोवा’ नामक व्यक्ति ने उसे दशरथ पुरी मेट्रो स्टेशन के पास तीन मोबाइल फोन सस्ते दाम पर बेचे थे, जिन्हें उसने लालच में खरीद लिया। वहीं, आभूषण और कपड़ों वाले बैग के संबंध में उसने दावा किया कि एक यात्री करीब तीन-चार दिन पहले बैग उसके ई-रिक्शा में छोड़ गया था और उसने बैग पुलिस को सौंपने के बजाय अपने पास रख लिया।
पुलिस ने बरामदगी के आधार पर डाबरी और बिंदापुर थानों के चार अलग-अलग ई-एफआईआर मामलों को वर्कआउट किया है।
यह कार्रवाई द्वारका जिला डीसीपी कुशल पाल सिंह, आईपीएस के निर्देश पर चलाए जा रहे चोरों और सेंधमारों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत की गई। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर बसंत कुमार ने किया, जिसमें ASI राजेश, HC परवीन कुमार, HC अनिल और HC कृष्ण शामिल रहे। पूरी कार्रवाई ACP ऑपरेशन सुभाष मलिक की निगरानी में हुई।
पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी हैं

