क्राइम डेस्क, जमुई: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ हुई हैवानियत (जमुई बैड टच कांड) और उसके बाद वायरल हुए शर्मनाक वीडियो ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। 19 सितंबर की शाम मड़वा पहाड़ की तलहटी में घटी इस घिनौनी वारदात के बाद से ही क्षेत्र में स्तब्धता का माहौल है।
ग्राउंड पर हालात का जायजा लेने जब मीडिया टीम मड़वा पहाड़ और आरोपी के गांव प्रतापपुर पहुंची, तो वहां सन्नाटा पसरा मिला। घटना के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, वहीं मुख्य आरोपी नंदन यादव का पूरा परिवार घर में ताला लगाकर फरार हो चुका है।
सरेराह अमर्यादित आचरण अक्षम्य: ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
मड़वा पहाड़ के आसपास जुटी ग्रामीणों की टोलियों ने नाम न छापने की शर्त पर घटना पर गहरा दुख और गुस्सा जताया।
- कठोर सजा की मांग: ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि मासूम नाबालिगों के साथ रास्ते में जो अमर्यादित और घिनौना आचरण किया गया, वह अक्षम्य अपराध है।
- निष्पक्ष जांच: लोगों ने पुलिस-प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए सभी दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाई जाए।
- सुरक्षा पर सवाल: स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि मड़वा पहाड़ जैसे इलाकों में शाम के समय युवाओं और पर्यटकों की आवाजाही रहती है, इसलिए वहां पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए।
मुख्य आरोपी नंदन के घर जड़ा ताला, परिवार फरार
मड़वा पहाड़ से निकलकर जब टीम मुख्य आरोपी नंदन यादव के गांव प्रतापपुर पहुंची, तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। नंदन के घर के मुख्य दरवाजे पर भारी ताला जड़ा मिला और उसके परिवार के सभी सदस्य अज्ञात स्थान पर चले गए हैं।
पड़ोसी मिलन यादव ने बताया कि नंदन पहले दूसरे राज्यों में चलने वाले ट्रकों में खलासी (हेल्पर) का काम करता था। कुछ समय पहले ही वह धान रोपाई के सीजन में गांव लौटा था। गांव में आने के बाद वह गलत संगत में पड़ गया था और बुरी तरह गांजे के नशे का आदी हो चुका था।
चचेरे भाई ने खोला राज: “गांजा पीने का आदी था, किसी की नहीं सुनता था”
नंदन के चचेरे भाई कामेंद्र यादव ने बातचीत में इस घटना पर गहरा क्षोभ और शर्मिंदगी जताई।
“जो कुछ भी हुआ है, वह सरासर गलत और शर्मनाक है। नंदन लंबे समय से गांजा पीने का आदी था। परिवार के लोग और हम सब उसे बार-बार समझाते थे कि बुरी लत और गलत संगत छोड़ दे, लेकिन वह किसी की बात नहीं सुनता था।”
— कामेंद्र यादव (मुख्य आरोपी नंदन का चचेरा भाई)
मड़वा पहाड़ की दहशत और प्रतापपुर में पसरा सन्नाटा इस बात का गवाह है कि मनचलों की इस करतूत ने न सिर्फ उन मासूमों को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि पूरे इलाके के सामाजिक ताने-बाने को भी दागदार कर दिया है।

