क्राइम/सिटी डेस्क, देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मेडिकल कॉलेजों में MBBS में दाखिला (MBBS Admission) दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर गिरोह का देहरादून पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस की स्पेशल टीम ने कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल 2 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
ये जालसाज खुद को बड़े मेडिकल संस्थानों और सरकारी विभागों में ऊंची पहुंच वाला बताकर भोले-भाले छात्रों और उनके अभिभावकों को अपने जाल में फंसाते थे और दाखिले के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लेते थे।
मेडिकल सीट दिलाने के नाम पर की थी लाखों की जालसाजी (Fake Admission Scam)
देहरादून पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उनके बच्चे का प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट पक्की कराने का झांसा दिया और इसके एवज में भारी रकम वसूल ली।
जब एडमिशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया, तब जाकर पीड़ित को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने देहरादून पुलिस स्टेशन में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 2 आरोपी गिरफ्तार
एसएसपी देहरादून के निर्देशों के बाद गठित पुलिस टीम ने मामले की गहनता से जांच की और सर्विलांस व मैन्युअल इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस ने मामले में संलिप्त 2 शातिर जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और पिछले रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। शुरुआती जांच में यह आशंका भी जताई जा रही है कि इस गिरोह ने राज्य और राज्य के बाहर भी कई अन्य छात्रों को अपना शिकार बनाया हो सकता है।
सावधान रहें: पुलिस ने छात्रों व अभिभावकों को दी सलाह
देहरादून पुलिस ने आम जनता, विशेषकर मेडिकल एंट्रेंस (NEET) की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि:
- किसी भी मध्यस्थ (Broker/Agent) के बहकावे में न आएं।
- मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन केवल आधिकारिक काउंसलिंग प्रक्रिया और मेरिट के आधार पर ही होते हैं।
- डायरेक्ट एडमिशन या बैकडोर एंट्री के नाम पर पैसे मांगने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें।

