नई दिल्ली: जिस दिन हाथों में मेहंदी, चेहरे पर मुस्कान और आँखों में नए साल के सपने होने चाहिए थे, उसी 17वें जन्मदिन की ढलती शाम एक मासूम के लिए ज़िंदगी का सबसे बड़ा दुःस्वप्न बन गई। राजधानी दिल्ली का दिल दहला देने वाला यह मामला कालकाजी इलाके का है, जहाँ खुशी और आस्था के पलों के बीच से एक किशोरी को उठाकर हवस का शिकार बना लिया गया।
केक काटा, मंदिर गई… फिर लौटकर कभी मुस्कुरा न सकी
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता का 17वाँ जन्मदिन था। घर में उत्सव का माहौल था। परिवार के साथ मिलकर उसने केक काटा, बधाइयाँ स्वीकार कीं और फिर शाम को ईश्वर का शुक्रिया अदा करने के लिए अपने एक दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर में माथा टेकने निकल गई। दर्शन के बाद दोनों थोड़ी देर बातचीत करने के लिए पास के एक पार्क में जाकर बैठ गए। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि पार्क के अंधेरे में कुछ खूंखार दरिंदे घात लगाए बैठे हैं।
“हम पुलिसवाले हैं…” और शुरू हुआ दरिंदगी का खेल
शाम के वक्त पार्क में सन्नाटा था। तभी अचानक दो-तीन अज्ञात व्यक्ति उनके पास पहुँचे। उन्होंने खुद को दिल्ली पुलिस का कर्मचारी बताया और रोब झाड़ते हुए उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
fakes cops का खौफ दिखाते हुए उन्होंने लड़के को थप्पड़ मारे और धमकाकर मौके से भगा दिया। इसके बाद, असहाय और अकेली पड़ी किशोरी को खींचकर पार्क के एक सुनसान कोने में ले गए। लड़की अपनी जान और आबरू की भीख माँगती रही, लेकिन ‘खाकी’ का झूठा नकाब पहने उन दरिंदों का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
इलाके में फैली सनसनी, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुँची और बदहवास हालत में परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई। वारदात की भयानकता सुनकर परिजनों के पैर तले जमीन खिसक गई। तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस पार्क के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि फर्जी पुलिसकर्मी बनकर घूम रहे इन खूंखार अपराधियों की पहचान की जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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