HighLights
- 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में जाने के बाद AAP में हलचल
- CM भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा
- दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग संभव
- अकाली दल ने पूरे मामले को बताया ‘सियासी ड्रामा’
चंडीगढ़/नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अब बड़ा कदम उठाया है और राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा है।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री इस मुलाकात के दौरान हाल ही में पार्टी छोड़कर भाजपा में गए सांसदों के मामले को उठाएंगे और संवैधानिक स्तर पर हस्तक्षेप की मांग कर सकते हैं। माना जा रहा है कि वह राष्ट्रपति से अनुरोध करेंगे कि संबंधित सांसदों को बुलाकर उनका पक्ष सुना जाए और नियमों के अनुसार उचित निर्णय लिया जाए।
दल-बदल कानून के तहत हो सकती है कार्रवाई
इस पूरे मामले में दल-बदल विरोधी कानून (Tenth Schedule) भी चर्चा के केंद्र में है। सरकार का मानना है कि अगर सांसदों ने नियमों का उल्लंघन किया है, तो उनकी सदस्यता पर सवाल उठ सकता है। हालांकि अंतिम फैसला संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है।
AAP के लिए बड़ा झटका
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एक साथ सात सांसदों का पार्टी छोड़ना AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। खासतौर पर पंजाब से छह सांसदों का जाना पार्टी की स्थिति को कमजोर कर सकता है।
विपक्ष ने साधा निशाना
इस पूरे मामले पर शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के नेताओं ने इसे ‘सियासी ड्रामा’ बताते हुए कहा कि राज्य सरकार को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।
अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखबीर सिंह बादल ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्थिति पार्टी की अंदरूनी नीतियों और फैसलों का परिणाम है। उन्होंने AAP पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी और अवसरवाद का आरोप लगाया।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद इस मामले में क्या नया मोड़ आता है। साथ ही यह भी देखना होगा कि संसद या संबंधित संस्थाएं इस पर क्या रुख अपनाती हैं।
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