पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि ED, CBI, इनकम टैक्स और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब पंजाब भी भाजपा के निशाने पर आ चुका है। पत्रकारों से बातचीत में मान ने कहा कि भाजपा पहले दूसरे राज्यों में यही रणनीति अपनाती रही है और अब पंजाब में भी डर का माहौल बनाकर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
संजीव अरोड़ा पर तीसरी बार ED रेड
सीएम मान ने कहा कि कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर तीसरी बार ED की छापेमारी करवाई गई है। उन्होंने दावा किया कि पहले दो बार की कार्रवाई में कुछ नहीं मिला, फिर भी लगातार रेड करवाई जा रही है। मान ने कहा कि इससे साफ हो जाता है कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए कर रही है।
पीएम मोदी और अमित शाह पर भी निशाना
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए कहा कि भाजपा अन्य राज्यों में इस रणनीति से कामयाब हो सकती है, लेकिन पंजाब में नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी “शुक्राना यात्रा” को कमजोर करने के लिए लगातार माहौल खराब करने की कोशिश हो रही है। कभी धमाकों की घटनाएं सामने आती हैं तो कभी ED की कार्रवाई होती है।
BJP पर राज्यों में अशांति फैलाने का आरोप
भगवंत मान ने भाजपा पर पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में पहले तनाव और अराजकता फैलाने और बाद में वोट मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले माहौल खराब करती है और फिर खुद को समाधान के रूप में पेश करती है। मान ने तंज कसते हुए भाजपा को “भारत जलाओ पार्टी” तक कह दिया।
बेअदबी कानून पर सरकार सख्त
सीएम मान ने “जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन कानून 2026” को लेकर भी साफ किया कि यह कानून किसी भी हालत में वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल इस कानून पर हस्ताक्षर कर चुके हैं और दुनिया भर की सिख संगत इसका समर्थन कर रही है। मान ने आरोप लगाया कि केवल एक परिवार इस कानून का विरोध कर रहा है।
अकाल तख्त के नोटिस पर भी दिया जवाब
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज द्वारा दिए गए 15 दिन के नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे जितनी बैठकें कर ली जाएं, लेकिन सरकार यह कानून वापस नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला “पत्थर की लकीर” है और सरकार अपने रुख पर कायम रहेगी।

