बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में होने जा रहे मंत्रिमंडल विस्तार से पहले विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने तीखा हमला बोला है।
RJD के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने कहा कि यह समारोह दरअसल नीतीश कुमार को राजनीतिक रूप से “निपटाने” की खुशी में आयोजित किया जा रहा है।
RJD का तंज: ‘नीतीश को हटाने की खुशी’
अरुण कुमार यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाकर नीतीश कुमार को भाजपा ने पूरी तरह साइडलाइन कर दिया है। उनके मुताबिक:
- यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री के शपथ समारोह से ज्यादा जोर मंत्रिमंडल विस्तार पर दिया जा रहा है
- समारोह को “भव्य और भगवामय” बनाया जा रहा है
उन्होंने यह भी कहा कि इससे साफ होता है कि राज्य की राजनीति अब पूरी तरह केंद्र के इशारों पर चल रही है।
‘दिल्ली से चल रहा रिमोट कंट्रोल’
RJD ने सम्राट चौधरी सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि:
👉 यह सरकार पूरी तरह “रिमोट कंट्रोल” से चल रही है
👉 फैसले पटना में नहीं, बल्कि दिल्ली में लिए जा रहे हैं
इस बयान के जरिए RJD ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं।
महिला आरक्षण पर भी उठे सवाल
RJD ने महिलाओं के मुद्दे को भी इस राजनीतिक बहस में शामिल किया।
अरुण कुमार यादव ने कहा:
- अगर NDA सच में 33% महिला आरक्षण का समर्थक है
👉 तो कैबिनेट में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी दिखनी चाहिए
यह मुद्दा आने वाले समय में और बड़ा राजनीतिक विषय बन सकता है।
7 मई को होगा कैबिनेट विस्तार
सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल का विस्तार
📅 7 मई (गुरुवार) को प्रस्तावित है।
इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन
📍 गांधी मैदान में किया जाएगा।
तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और इसे ऐतिहासिक बनाने की कोशिश की जा रही है।
मोदी-शाह समेत कई दिग्गज होंगे शामिल
इस समारोह को और खास बनाने के लिए कई बड़े नेता शामिल होंगे:
- नरेन्द्र मोदी
- अमित शाह
- जेपी नड्डा
- चिराग पासवान
- जीतन राम मांझी
- नीतीश कुमार
इसके अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने जानकारी दी कि कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी की जा रही है।
राजनीतिक समीकरण क्या कहते हैं?
बिहार में इस समय सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
- एक तरफ NDA अपनी ताकत दिखाने में जुटा है
- वहीं RJD लगातार सरकार पर हमलावर है
इस कैबिनेट विस्तार को 2025 के चुनावों की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है।
आगे क्या?
अब सबकी नजर 7 मई पर टिकी है:
- क्या कैबिनेट में संतुलन दिखेगा?
- क्या महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलेगा?
- और क्या RJD के आरोपों का जवाब सरकार दे पाएगी?
इन सवालों के जवाब समारोह के बाद साफ हो जाएंगे।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। सम्राट चौधरी के कैबिनेट विस्तार से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। RJD के आरोप और NDA की तैयारियां—दोनों मिलकर यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में सियासी लड़ाई और तेज होने वाली है।
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