दिल्ली की द्वारका विधानसभा में विकास कार्यों को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने करीब ₹100 करोड़ की जनहित विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
Highlights
- द्वारका विधानसभा में ₹100 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ
- सड़क, सीवर और ड्रेनेज व्यवस्था को किया जाएगा मजबूत
- पार्कों के सौंदर्यीकरण और चौपाल नवीनीकरण पर भी फोकस
- बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की योजना
- कार्यक्रम में सांसद और स्थानीय जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
- “विकसित दिल्ली” संकल्प को आगे बढ़ाने पर जोर
द्वारका में होंगे बड़े विकास कार्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं के तहत क्षेत्र में सड़क निर्माण, सीवर लाइन सुधार, ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और पार्कों के सौंदर्यीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।
इसके साथ ही चौपालों के नवीनीकरण और बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिल सकें।

“विकसित दिल्ली” विजन को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं Narendra Modi के “विकसित दिल्ली” के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजधानी के हर क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर Kamaljeet Sehrawat, Narender Girsa, नजफगढ़ जिला पदाधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा की गई।

क्षेत्रवासियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद द्वारका विधानसभा में मूलभूत सुविधाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। बेहतर सड़क, सीवर और बिजली व्यवस्था से लोगों की दैनिक समस्याओं में राहत मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इन विकास कार्यों से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
द्वारका विधानसभा में शुरू की गई ₹100 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल मानी जा रही हैं। सड़क, सीवर, ड्रेनेज और बिजली व्यवस्था में सुधार से क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, वहीं “विकसित दिल्ली” के विजन को भी मजबूती मिलेगी।

