लखनऊ। Eid al-Adha यानी बकरीद की तारीख को लेकर स्थिति साफ हो गई है। जिल हिज्ज का चांद नजर न आने के बाद भारत में इस्लामी महीने की शुरुआत 19 मई से मानी जाएगी। इसी के आधार पर देशभर में ईद-उल-अजहा 28 मई 2026 को मनाई जाएगी।
Highlights
- भारत में 28 मई 2026 को मनाई जाएगी बकरीद
- जिल हिज्ज का चांद रविवार को नजर नहीं आया
- 19 मई से शुरू होगा इस्लामी महीना
- सुन्नी और शिया चांद कमेटियों ने की पुष्टि
- लखनऊ में बकरा मंडियों की तैयारियां शुरू होंगी
- शहर में त्योहार को लेकर बढ़ी हलचल
चांद न दिखने के बाद हुआ ऐलान
Lucknow में मरकजी सुन्नी चांद कमेटी के अध्यक्ष और इमाम ईदगाह Maulana Khalid Rasheed Farangi Mahali ने बताया कि रविवार शाम जिल हिज्ज का चांद देखने की कोशिश की गई, लेकिन कहीं से भी चांद दिखाई देने की पुष्टि नहीं हुई।
इसके बाद फैसला लिया गया कि जिल हिज्ज की पहली तारीख 19 मई से मानी जाएगी और इसी आधार पर बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी।

शिया चांद कमेटी ने भी की पुष्टि
Mufti Abul Irfan Farangi Mahali ने भी चांद न दिखने की पुष्टि करते हुए लोगों से निर्धारित तारीख पर ही त्योहार मनाने की अपील की।
वहीं मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष Maulana Syed Saif Abbas Naqvi ने भी घोषणा की कि चांद दिखाई नहीं दिया है। इसलिए शिया समुदाय भी 28 मई को ईद-उल-अजहा मनाएगा।
शहर में शुरू होंगी बकरीद की तैयारियां
बकरीद के ऐलान के बाद शहर में त्योहार की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। त्योहार से करीब 10 दिन पहले पक्का पुल, दुबग्गा और अन्य इलाकों में बकरा मंडियां सजने लगेंगी। हर साल की तरह इस बार भी बाजारों में खरीदारी और कुर्बानी से जुड़ी तैयारियों को लेकर रौनक बढ़ने की संभावना है।

ईद-उल-अजहा का धार्मिक महत्व
ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार माना जाता है। इसे कुर्बानी का पर्व भी कहा जाता है। यह त्योहार हजरत इब्राहिम की अल्लाह के प्रति आस्था और बलिदान की भावना की याद में मनाया जाता है। इस दिन मुस्लिम समुदाय नमाज अदा करता है और कुर्बानी की परंपरा निभाई जाती है।
जिल हिज्ज का चांद नजर न आने के बाद अब भारत में बकरीद 28 मई 2026 को मनाई जाएगी। सुन्नी और शिया दोनों चांद कमेटियों ने इसकी पुष्टि कर दी है। त्योहार को लेकर बाजारों और मंडियों में तैयारियां भी जल्द तेज होने की संभावना है।

