सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SDIET), फरीदाबाद की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के सहयोग से 14 अक्टूबर 2026 को “नैतिक शासन व्यवस्था के लिए डेटा एनालिटिक्स एवं सेंटीमेंट एनालिसिस” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया। यह सत्र बी.टेक. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के सातवें सेमेस्टर तथा कंप्यूटर इंजीनियरिंग के तीसरे सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा एनालिटिक्स और उभरती प्रौद्योगिकियों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराना तथा नैतिक, पारदर्शी एवं उत्तरदायी शासन व्यवस्था में उनकी भूमिका को समझाना था।
इस अवसर पर इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE), स्पेस एप्लीकेशंस की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पूजा त्रिपाठी ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने विद्यार्थियों को डेटा एनालिटिक्स, सेंटीमेंट एनालिसिस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उभरती प्रौद्योगिकियों, वर्तमान औद्योगिक रुझानों तथा इन क्षेत्रों में उपलब्ध करियर के अवसरों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
अपने व्याख्यान के दौरान डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि डेटा एनालिटिक्स और सेंटीमेंट एनालिसिस आधुनिक समय में प्रभावी निर्णय लेने की प्रक्रिया को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन तकनीकों के माध्यम से बड़े पैमाने पर उपलब्ध डेटा का विश्लेषण करके जनभावनाओं, सामाजिक रुझानों और विभिन्न मुद्दों के प्रति लोगों की प्रतिक्रियाओं को समझा जा सकता है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों का उचित एवं जिम्मेदार उपयोग शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने, जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा जनहित में बेहतर नीतियों के निर्माण में सहायक हो सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, डेटा की गोपनीयता, जिम्मेदार तकनीकी उपयोग और पारदर्शिता के महत्व से भी अवगत कराया। व्याख्यान ने विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुप्रयोगों से जोड़ने तथा भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करने की प्रेरणा दी।
संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार त्यागी ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा एनालिटिक्स जैसी उभरती प्रौद्योगिकियाँ सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी विकास से अवगत कराने के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। इस प्रकार के विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार क्षमता और व्यावसायिक कौशल को विकसित करने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने इस ज्ञानवर्धक सत्र के आयोजन के लिए इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल तथा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रयासों की सराहना की।
संस्थान द्वारा आयोजित यह विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी विकास और उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के साथ-साथ उन्हें नैतिक मूल्यों के प्रति सजग एवं जिम्मेदार तकनीकी पेशेवर बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

