Highlights
- IPL 2026 में मैच लंबे होने पर सुनील गावस्कर ने उठाए सवाल
- मैदान पर गैर जरूरी लोगों की एंट्री को बताया बड़ी वजह
- स्लो ओवर रेट पर BCCI के जुर्माने के बावजूद समस्या बरकरार
- स्ट्रेटेजिक टाइम-आउट और बार-बार रुकावटों पर जताई नाराजगी
- सख्त नियम लागू कर खेल को तेज करने की मांग
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Indian Premier League 2026 में मैचों की बढ़ती अवधि को लेकर पूर्व भारतीय कप्तान Sunil Gavaskar ने चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि मैचों के दौरान बार-बार रुकावट और मैदान पर अनावश्यक लोगों की मौजूदगी खेल की रफ्तार को प्रभावित कर रही है।
मैदान पर ज्यादा लोगों की एंट्री बन रही बड़ी वजह
गावस्कर के अनुसार, मैच धीमा होने की सबसे बड़ी वजह मैदान पर जरूरत से ज्यादा लोगों का आना-जाना है। उन्होंने कहा कि कई बार रिजर्व खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी मैदान में पहुंच जाते हैं, जिससे खेल की गति प्रभावित होती है।
पानी देने के लिए भी मैदान में एंट्री पर उठाया सवाल
अपने कॉलम में गावस्कर ने लिखा कि बाउंड्री पर खड़े खिलाड़ियों को पानी देने के लिए भी रिजर्व खिलाड़ी मैदान में आते हैं, जो नियमों के खिलाफ होना चाहिए। उनके मुताबिक, खेल के दौरान मैदान पर सिर्फ 11 खिलाड़ियों का ही होना जरूरी है, अन्य लोगों की एंट्री खेल की लय को बिगाड़ती है।
स्ट्रेटेजिक टाइम-आउट में भीड़ पर नाराजगी
गावस्कर ने स्ट्रेटेजिक टाइम-आउट के दौरान होने वाली भीड़ पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई खिलाड़ी और स्टाफ मैदान में आ जाते हैं, जिनमें वे बल्लेबाज भी शामिल होते हैं जो अभी खेलने नहीं आए हैं। इसे उन्होंने “हद से ज्यादा छूट” बताया।
सख्त नियम लागू करने की मांग
गावस्कर का मानना है कि मैदान पर केवल सीमित लोगों को ही आने की अनुमति होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि दो रिजर्व खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ के दो सदस्यों के अलावा किसी को भी मैदान में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए।
मैदान की पवित्रता और अनुशासन बनाए रखने पर जोर
गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज Richie Benaud का जिक्र करते हुए कहा कि मैदान एक “पवित्र जगह” है, जहां सिर्फ खिलाड़ी और अंपायर ही होने चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर बल्लेबाज समय पर तैयार नहीं होता, तो चेतावनी के बाद पेनल्टी रन दिए जाने चाहिए।
BCCI की भूमिका पर भी उठे सवाल
Board of Control for Cricket in India ने स्लो ओवर रेट को लेकर जुर्माने का प्रावधान किया है, लेकिन इसके बावजूद मैचों में देरी की समस्या खत्म नहीं हुई है। गावस्कर ने उम्मीद जताई कि बोर्ड इस मुद्दे पर और सख्त कदम उठाएगा।
IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में मैच की गति और अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो फैंस का अनुभव प्रभावित हो सकता है। गावस्कर की यह टिप्पणी साफ संकेत देती है कि अब क्रिकेट में सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि समय प्रबंधन भी उतना ही अहम हो गया है।
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