नई दिल्ली। Jyeshtha Maas 2026 का शुभारंभ 2 मई से हो रहा है। हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास को दान, तप और सेवा का महीना माना जाता है। इस दौरान किए गए पुण्य कार्य कई गुना फल देते हैं। मान्यता है कि इस पवित्र मास में नियमपूर्वक पूजा-पाठ और दान करने से भगवान विष्णु और हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास साल का तीसरा महीना होता है और इसका संबंध मंगल ग्रह से माना गया है। इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास का भी संयोग बन रहा है, जो इसे और भी विशेष बना देता है।
Jyeshtha Maas Importance: क्यों खास है ज्येष्ठ महीना?
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ‘ज्येष्ठा नक्षत्र’ होने के कारण इस महीने का नाम ज्येष्ठ पड़ा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह महीना आध्यात्मिक उन्नति, तपस्या और पुण्य कमाने का श्रेष्ठ समय होता है।
इस दौरान गर्मी अधिक होने के कारण शास्त्रों में सेवा, जल दान और संयमित जीवन पर विशेष जोर दिया गया है।
Jyeshtha Maas Rules: क्या करें?
- जल दान करें: प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। राहगीरों के लिए प्याऊ लगाना और पशु-पक्षियों के लिए पानी रखना शुभ फल देता है।
- दान-पुण्य करें: तिल, सत्तू और अन्न का दान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।
- सुबह जल्दी उठें: सूर्योदय से पहले स्नान कर वरुण देव की पूजा करना लाभकारी होता है।
- सात्विक भोजन अपनाएं: दिन में एक समय हल्का और सात्विक भोजन करने से स्वास्थ्य और धन दोनों में वृद्धि होती है।
Bada Mangal 2026: हनुमान जी को कैसे करें प्रसन्न?
ज्येष्ठ मास के हर मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी महीने में हनुमान जी की भगवान श्रीराम से भेंट हुई थी।
इस दिन हनुमान जी की पूजा करें और बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। ऐसा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और संकटों से मुक्ति मिलती है।

Jyeshtha Maas Me Kya Na Kare: किन बातों का रखें ध्यान?
- दिन में सोने से बचें: इससे स्वास्थ्य और भाग्य दोनों प्रभावित होते हैं।
- बैंगन का सेवन न करें: यह शरीर में गर्मी बढ़ाता है और धार्मिक दृष्टि से वर्जित माना गया है।
- पानी बर्बाद न करें: जल की अनदेखी करने से ‘वरुण दोष’ लग सकता है।
- भारी और तामसिक भोजन से बचें: अधिक तेल-मसालेदार भोजन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
Jyeshtha Maas Vrat List 2026
इस महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आते हैं, जैसे:
- निर्जला एकादशी
- गंगा दशहरा
- वट सावित्री व्रत
निष्कर्ष:
Jyeshtha Maas 2026 को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दौरान किए गए छोटे-छोटे पुण्य कार्य भी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यदि आप नियम, संयम और श्रद्धा के साथ इस महीने का पालन करते हैं, तो हनुमान जी और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नूतनयुग इनसाइट्स यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

