जींद। हरियाणा की धरती ने एक बार फिर देश को नई कुश्ती प्रतिभा दी है। अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान और जुलाना से विधायक Vinesh Phogat को एशियाई खेलों के ट्रायल में बड़ा झटका लगा है। दिल्ली में आयोजित ट्रायल मुकाबलों के दौरान जींद जिले के चाबरी गांव की उभरती पहलवान Meenakshi Goyat ने सेमीफाइनल में विनेश फोगाट को 6-4 से शिकस्त देकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया।
इस जीत के साथ मीनाक्षी गोयत ने न केवल अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि एशियाई खेलों में भाग लेने की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ाया है। वहीं विनेश फोगाट का एशियाई खेलों में हिस्सा लेने का सपना टूट गया।
साधारण किसान परिवार से निकलकर बनाई पहचान
मीनाक्षी गोयत जींद जिले के चाबरी गांव की रहने वाली हैं और एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता प्रेम सिंह खेतीबाड़ी करते हैं। बेटी के खेल करियर को बेहतर बनाने के लिए परिवार फिलहाल सोनीपत में रह रहा है।
मीनाक्षी के परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने मीनाक्षी को कुश्ती के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ी।
गांव में जश्न का माहौल
एशियाई खेलों के ट्रायल मुकाबलों को लेकर चाबरी गांव में पहले से ही उत्साह का माहौल था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि उनकी बेटी शानदार प्रदर्शन करेगी। जैसे ही मीनाक्षी ने विनेश फोगाट को हराया, गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
ग्रामीणों का कहना है कि मीनाक्षी में देश के लिए बड़ा मुकाम हासिल करने की क्षमता है और वह भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करेगी।

पहले भी जीत चुकी हैं एशियाई चैंपियनशिप का सिल्वर
मीनाक्षी गोयत का यह पहला बड़ा प्रदर्शन नहीं है। इससे पहले वह अप्रैल में किर्गिस्तान की राजधानी Bishkek में आयोजित Asian Wrestling Championships में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं।
6 से 12 अप्रैल तक आयोजित इस प्रतियोगिता में उनकी सफलता पर गांव में भव्य स्वागत किया गया था। अब एशियाई खेलों के ट्रायल में विनेश फोगाट जैसी अनुभवी पहलवान को हराकर उन्होंने अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी है।
53 किलोग्राम वर्ग में दर्ज की बड़ी जीत
महिला कुश्ती के 53 किलोग्राम भार वर्ग में हुए मुकाबले में मीनाक्षी ने आक्रामक खेल दिखाते हुए विनेश फोगाट को 6-4 के अंतर से मात दी। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, लेकिन निर्णायक क्षणों में मीनाक्षी ने बेहतर तकनीक और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों को ओलंपिक पदक की उम्मीद
चाबरी गांव के ग्रामीण राममेहर, प्रमोद, सुलतान सिंह और कृष्ण कुमार सहित कई लोगों ने मीनाक्षी की जीत पर खुशी जताई। उनका कहना है कि मीनाक्षी आने वाले वर्षों में भारत के लिए ओलंपिक में भी पदक जीत सकती हैं।
ग्रामीणों का विश्वास है कि जिस तरह मीनाक्षी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं, वह भविष्य में देश के लिए स्वर्णिम इतिहास रच सकती हैं।
हरियाणा की कुश्ती परंपरा को मिला नया सितारा
हरियाणा लंबे समय से देश को विश्वस्तरीय पहलवान देता रहा है। मीनाक्षी गोयत की इस जीत को राज्य की कुश्ती परंपरा के लिए एक नई उपलब्धि माना जा रहा है। विनेश फोगाट जैसी दिग्गज खिलाड़ी को हराना किसी भी युवा पहलवान के लिए बड़ी उपलब्धि है और इस जीत ने मीनाक्षी को देश की नई उम्मीदों में शामिल कर दिया है।

