HighLights
- उत्तर भारत में भीषण गर्मी, कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी
- यूपी के बांदा में 47.4°C तापमान, देश में सबसे अधिक
- IMD ने अगले 2 दिन लू चलने की चेतावनी दी
- बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी
नई दिल्ली: उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में ही तापमान ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कई राज्यों में लू के चलते दिन के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोगों ने घरों में रहना ही बेहतर समझा है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में अगले दो दिनों तक तेज लू चलने की संभावना है। इसको देखते हुए कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
बांदा बना सबसे गर्म इलाका
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया है। यह सामान्य से काफी ज्यादा है और लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
पहाड़ी राज्य भी नहीं बचे
आमतौर पर ठंडे रहने वाले पहाड़ी राज्यों में भी इस बार गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो पिछले कई वर्षों में दुर्लभ स्थिति मानी जा रही है।
IMD की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई इलाकों में लू चलने की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार, फिलहाल तापमान में कोई खास गिरावट की उम्मीद नहीं है और 27 अप्रैल के बाद ही थोड़ी राहत मिल सकती है।
रात में भी नहीं मिलेगी राहत
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में न सिर्फ दिन बल्कि रातें भी गर्म रह सकती हैं। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां पहले से ही तापमान ज्यादा है।
क्या होती है हीटवेव (लू)?
भारत में आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच लू चलती है। जब तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री या उससे अधिक बढ़ जाता है या मैदानी क्षेत्रों में 40 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है, तो इसे हीटवेव की स्थिति माना जाता है।
बचाव के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव करने की हिदायत दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

