पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य की राजनीति और कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्यमग्राम इलाके में बुधवार रात हुए इस सनसनीखेज शूटआउट में चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके सहयोगी बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए।
अब SIT जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस हत्या को बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया।
72 घंटे तक हुई रेकी, फिर रची गई हत्या की साजिश
जांच अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों ने घटना से करीब 3 से 4 दिन पहले इलाके की रेकी की थी। SIT को शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि किलर्स लगातार चंद्रनाथ रथ की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने उनके आने-जाने का समय, रूट और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा अध्ययन किया था। इसके बाद ही हत्या की योजना को अंजाम दिया गया।
कैसे हुआ हमला?
यह घटना मध्यमग्राम के जेस्सोर रोड स्थित दोहड़िया इलाके में बुधवार रात करीब 10:20 बजे हुई। 41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ अपनी सफेद स्कॉर्पियो SUV में सवार थे। उनके साथ वाहन में सहयोगी बुद्धदेव बेरा भी मौजूद थे।
पहले कार से रोका, फिर बरसाईं गोलियां
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, पहले एक कार ने उनकी SUV को रास्ते में रोका। इसके तुरंत बाद मोटरसाइकिलों पर सवार हमलावर वहां पहुंचे। हमलावरों ने बेहद करीब से यानी पॉइंट-ब्लैंक रेंज से गोलियां चलाईं। बताया जा रहा है कि उन्होंने सामने की खिड़की से पिस्टल सटाकर फायरिंग की। फायरिंग के तुरंत बाद आरोपी बाइक पर फरार हो गए।
Glock 47X पिस्तौल से की गई फायरिंग
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हमलावरों ने कथित तौर पर Glock 47X जैसी आधुनिक पिस्तौलों का इस्तेमाल किया। फायरिंग में चंद्रनाथ रथ के सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं। वहीं उनके सहयोगी बुद्धदेव बेरा भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार:
- चंद्रनाथ रथ को तीन गोलियां लगीं
- अत्यधिक रक्तस्राव हुआ
- महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा
- अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी

फर्जी नंबर प्लेट वाली कार बरामद
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे।
पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया कि घटनास्थल से:
- खाली कारतूस
- जिंदा गोला-बारूद
- अन्य फॉरेंसिक सबूत
बरामद किए गए हैं।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
SIT और स्थानीय पुलिस अब इलाके के CCTV फुटेज की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि:
- हमलावर कहां से आए
- कितने लोग शामिल थे
- वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए
- हत्या के पीछे किसका मास्टरमाइंड था
सुवेंदु अधिकारी ने कहा- यह कोल्ड ब्लडेड मर्डर
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने अपने निजी सहायक की हत्या को “कोल्ड-ब्लडेड” और पूरी तरह पूर्व नियोजित बताया है।उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ रथ ने नंदीग्राम और भवानीपुर चुनावों के दौरान महत्वपूर्ण चुनावी प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली थी और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया हो सकता है।

CBI जांच की उठी मांग
इस हाई-प्रोफाइल हत्या के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कुछ नेताओं ने मामले की CBI जांच की मांग की है, हालांकि सुवेंदु अधिकारी ने फिलहाल कहा है कि पुलिस सही दिशा में जांच कर रही है।
राजनीतिक एंगल से भी जांच
जांच एजेंसियां हत्या के पीछे राजनीतिक दुश्मनी, निजी विवाद और पेशेवर सुपारी किलिंग समेत सभी एंगल पर जांच कर रही हैं। जिस तरह हमले को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि यह कोई सामान्य आपराधिक वारदात नहीं बल्कि बेहद सुनियोजित ऑपरेशन था।
बंगाल की कानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। दिनदहाड़े या भीड़भाड़ वाले इलाकों में इस तरह प्रोफेशनल शूटर्स द्वारा हत्या किए जाने से आम लोगों में भी डर का माहौल बना हुआ है।
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