तमिलनाडु की एक अदालत ने 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी धर्ममुनीश्वरन को दोहरी मौत की सजा सुनाई है। Thoothukudi जिले के एक दूरदराज गांव में हुई इस सनसनीखेज वारदात में अदालत ने CCTV फुटेज, फोरेंसिक जांच और DNA सबूतों को आधार बनाकर आरोपी को दोषी करार दिया।
सबसे खास बात यह रही कि वारदात के महज 75 दिनों के भीतर अदालत ने फैसला सुना दिया, जबकि पुलिस ने केवल 21 दिन में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
Highlights
- तमिलनाडु कोर्ट का बड़ा फैसला
- नाबालिग से रेप और हत्या के दोषी को दोहरी फांसी
- CCTV फुटेज और DNA रिपोर्ट बने अहम सबूत
- पुलिस ने 21 दिन में दाखिल की चार्जशीट
- अदालत ने 75 दिन में सुनाया फैसला
- आरोपी ने वारदात से पहले की थी रेकी
क्या था पूरा मामला?
मामला तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले के वेदानथम गांव का है। जानकारी के मुताबिक, 17 वर्षीय नाबालिग लड़की शौच के लिए घर से बाहर गई थी। इसी दौरान आरोपी धर्ममुनीश्वरन ने रास्ते में उसे रोक लिया। आरोप है कि उसने पहले लड़की के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन शुरुआती दौर में जांच एजेंसियों को कोई ठोस सुराग नहीं मिल रहा था।
CCTV फुटेज से मिला बड़ा सुराग
पुलिस ने जांच के दौरान वेदानथम गांव और तूतीकोरिन शहर के बीच लगे CCTV कैमरों की करीब 1000 घंटे की फुटेज खंगाली। इसी दौरान क्राइम सीन के पास स्थित एक विंडमिल फार्म में लगे कैमरे की फुटेज से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला।फुटेज में आरोपी धर्ममुनीश्वरन 10 मार्च को दोपहर करीब 2:30 बजे गांव में प्रवेश करता दिखाई दिया। यह समय वारदात से लगभग चार घंटे पहले का था। इसके बाद वह 11 मार्च की सुबह करीब 6:30 बजे गांव से बाहर निकलता भी कैमरे में कैद हुआ।
चेक शर्ट से हुई आरोपी की पहचान
पुलिस ने फुटेज में दिखाई दे रही चेक वाली शर्ट के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसके बाद उसकी गतिविधियों और मूवमेंट पर नजर रखी गई। जांच के दौरान आरोपी की शर्ट से मिले नमूनों का मिलान पीड़िता के ब्लड ग्रुप से किया गया, जो मैच हो गया। इसके अलावा पीड़िता के शरीर से लिए गए सीमन सैंपल की DNA जांच भी आरोपी से मेल खा गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
वारदात से पहले की थी रेकी
पुलिस जांच में सामने आया कि धर्ममुनीश्वरन फरवरी महीने से अपने दोस्तों के साथ नियमित रूप से वेदानथम गांव आता-जाता था। आरोपी ने वारदात की योजना पहले से बना रखी थी और वह इलाके की रेकी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, उसने रामनाथपुरम जिले के पार्थिबनूर से एक बाइक चोरी की थी और उसकी नंबर प्लेट 5370 से बदलकर 6870 कर दी थी ताकि पहचान छिपाई जा सके।
75 दिन में आया ऐतिहासिक फैसला
इस मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 21 दिनों में अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। फास्ट ट्रैक सुनवाई के दौरान अदालत ने फोरेंसिक रिपोर्ट, CCTV फुटेज और DNA साक्ष्यों को मजबूत आधार मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। वारदात के केवल 75 दिन बाद अदालत ने धर्ममुनीश्वरन को दोहरी मौत की सजा सुनाई, जिसे राज्य में एक ऐतिहासिक और सख्त फैसला माना जा रहा है।
तमिलनाडु की अदालत का यह फैसला महिला सुरक्षा और गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। CCTV फुटेज, DNA रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच ने इस केस को मजबूत बनाया और बेहद कम समय में पीड़िता को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

