उतार प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को राहत दी है। अब ऐसे बुजुर्ग, जिनके पास हाईस्कूल का प्रमाणपत्र या परिवार रजिस्टर नहीं है, वे राशन कार्ड, वोटर ID समेत पांच वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर पेंशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। शासन ने इस संबंध में संशोधित आदेश जारी कर दिया है, जिससे हजारों बुजुर्गों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
Highlights
- यूपी सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन नियमों में किया बदलाव
- शहरी क्षेत्रों में 5 नए दस्तावेज आयु प्रमाण के रूप में मान्य
- राशन कार्ड और वोटर ID से भी बनेगी पेंशन
- पासपोर्ट, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी मान्य
- आवेदक को स्व-घोषणा पत्र देना होगा
- दस्तावेजों की कमी से वंचित बुजुर्गों को मिलेगी राहत
अब किन दस्तावेजों से बनेगी वृद्धावस्था पेंशन?
शासनादेश के अनुसार अब नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्ग निम्न दस्तावेजों के आधार पर अपनी आयु प्रमाणित कर सकेंगे:
मान्य दस्तावेज:
- राशन कार्ड
- मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
- ड्राइविंग लाइसेंस
- पासपोर्ट
- पैन कार्ड
इन दस्तावेजों के आधार पर जिला समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था पेंशन आवेदन की जांच करेगा।

क्यों करना पड़ा नियमों में बदलाव?
इससे पहले 12 मार्च 2026 को जारी आदेश में आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को आयु प्रमाण के रूप में मान्य नहीं माना गया था। Unique Identification Authority of India (UIDAI) और नियोजन विभाग के निर्देशों के बाद यह फैसला लिया गया था।इसके बाद बड़ी संख्या में ऐसे बुजुर्गों के सामने समस्या खड़ी हो गई थी, जिनके पास न तो हाईस्कूल प्रमाणपत्र थे और न ही परिवार रजिस्टर उपलब्ध था। खासकर शहरों और गरीब बस्तियों में रहने वाले बुजुर्गों के कई आवेदन दस्तावेजों के अभाव में निरस्त हो रहे थे।
शहरी बुजुर्गों को कैसे मिलेगा फायदा?
Anurag Yadav की ओर से जारी शासनादेश में माना गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार या कुटुंब रजिस्टर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में यह व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब हजारों पात्र बुजुर्गों के लिए आवेदन प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। उपनिदेशक समाज कल्याण Mushtaq Ahmad ने कहा कि शासन के इस फैसले से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी।

स्व-घोषणा पत्र देना होगा जरूरी
नई व्यवस्था के तहत आवेदक को निर्धारित प्रारूप में एक स्व-घोषणा पत्र भी देना होगा। इसमें उसे यह घोषित करना होगा कि:
- उसके पास हाईस्कूल स्तर का शैक्षिक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है
- संबंधित शहरी क्षेत्र में परिवार रजिस्टर उपलब्ध नहीं है
इसके बाद ही वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर आवेदन स्वीकार किया जाएगा।

पहले क्यों अटक रहे थे आवेदन?
दस्तावेजों की कमी के कारण कई पात्र बुजुर्ग पेंशन योजना से बाहर हो रहे थे। विशेष रूप से पुराने शहरों और आर्थिक रूप से कमजोर इलाकों में रहने वाले लोगों के पास शैक्षिक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं थे। ऐसे मामलों में आवेदन लंबित या निरस्त हो रहे थे। अब शासन के नए आदेश से आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल और सुविधाजनक बनने की संभावना है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला शहरी क्षेत्रों में रहने वाले हजारों बुजुर्गों के लिए राहत लेकर आया है। राशन कार्ड, वोटर ID और अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों को मान्यता मिलने से अब अधिक पात्र लोग वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ उठा सकेंगे। नई व्यवस्था से आवेदन प्रक्रिया आसान होने के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच भी बढ़ने की उम्मीद है।
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