पत्नी सहित चार आरोपियों की गिरफ्तारी, हत्या में प्रयुक्त चाकू समेत कई सामान बरामद
ब्यूरो चीफ — धीरेन्द्र नाथ शुक्ला, सिद्धार्थनगर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के मुहचोरवा घाट के पास हरिश्चन्द्र की हत्या कर शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंकने तथा ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देने के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू सहित छह मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, नकदी और एयर इंडिया का टिकट बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मुहचोरवा घाट, बूढ़ी राप्ती नदी, रामनगर के पास कपियवा निवासी हरिश्चन्द्र पुत्र स्व. रामगुलाम की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया गया था। साथ ही उसके ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया था। इस संबंध में थाना ढेबरुआ में मुकदमा अपराध संख्या 120/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी के नेतृत्व में जनपदीय SOG और थाना ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी।

तीन आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा
पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर 2026 को SOG प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश कुमार राय और थानाध्यक्ष ढेबरुआ चन्द्रकान्त पाण्डेय अपनी-अपनी टीम के साथ कस्बा बढ़नी स्थित पचपेड़वा तिराहा पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे में शामिल आरोपी इरशाद अपने दो साथियों के साथ दुधवनिया बुजुर्ग नहर के रास्ते धनौरा की ओर जाने वाला है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दुधवनिया बुजुर्ग पुल से नहर की ओर जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी की और तीन संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिलने का दावा किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर मुहचोरवा घाट से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया।
पुलिस ने बताया कि बरामदगी के बाद मुकदमे में धारा 61(2), 3(5) और 238 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपियों को न्यायालय भेजा जा रहा है। घटना का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा ₹20,000 नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई।


पूछताछ में हत्या की साजिश का खुलासा होने का दावा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि मृतक हरिश्चन्द्र की पत्नी माया देवी के आरोपी नियाज अहमद के साथ कथित रूप से संबंध थे और नियाज अहमद माया देवी का खर्च भी चलाता था।
पुलिस का दावा है कि हरिश्चन्द्र शराब का सेवन करता था और नशे की हालत में अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। इसी से परेशान होकर माया देवी अपने पति को रास्ते से हटाना चाहती थी। पुलिस के मुताबिक, वह पिछले कई महीनों से नियाज अहमद पर हरिश्चन्द्र की हत्या कराने के लिए दबाव बना रही थी।
पूछताछ में पुलिस के सामने यह भी आया कि माया देवी के लगातार दबाव के बाद नियाज अहमद ने हरिश्चन्द्र की हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, हत्या के लिए आरोपियों को कुल ₹1.10 लाख देने की बात तय हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, पूर्व नियोजित योजना के तहत हरिश्चन्द्र को मुहचोरवा घाट के पास ले जाया गया, जहां चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद पुलिस और परिजनों को गुमराह करने तथा घटना को दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया गया और ई-रिक्शा को भी इस तरह नदी की ओर लटकाया गया कि घटना प्रथम दृष्टया दुर्घटना प्रतीत हो।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी माया देवी की भी घटना में संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उसे 8 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। इस प्रकार मामले में कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
- इरशाद पुत्र मुनीर, निवासी ग्राम कपिया, थाना इटवा, सिद्धार्थनगर — उम्र करीब 30 वर्ष।
- अब्दुल्ला पुत्र कमाल अहमद, निवासी ग्राम रमवापुर उर्फ विशुनपुर, थाना इटवा, सिद्धार्थनगर — उम्र करीब 24 वर्ष।
- नियाज अहमद पुत्र रौआब अली, निवासी ग्राम कपिया, थाना इटवा, सिद्धार्थनगर — उम्र करीब 30 वर्ष।
- माया देवी पत्नी मृतक हरिश्चन्द्र अग्रहरि, निवासी ग्राम कपियवा, थाना इटवा, सिद्धार्थनगर — उम्र करीब 35 वर्ष।
यह सामान हुआ बरामद
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे/निशानदेही से:
- 01 चाकू (आलाकत्ल)
- 06 मोबाइल फोन
- 02 आधार कार्ड
- 01 पैन कार्ड
- ₹600 नकद
- 01 एयर इंडिया का टिकट
बरामद किया गया है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में थानाध्यक्ष ढेबरुआ उपनिरीक्षक चन्द्रकान्त पाण्डेय, SOG प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश कुमार राय, उपनिरीक्षक हरेंद्र चौहान, उपनिरीक्षक शशिकान्त, उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव, उपनिरीक्षक वीरेन्द्र कुमार पासवान, उपनिरीक्षक राजाराम यादव सहित SOG, सर्विलांस सेल और थाना ढेबरुआ की पुलिस टीम शामिल रही।
पुलिस टीम में हे0का0 राजीव शुक्ला, मनोज राय, मनिंद्र प्रताप चंद, आशुतोष धर द्विवेदी, कांस्टेबल वीरेंद्र त्रिपाठी, रोहित चौहान, छविराज यादव, सत्येंद्र यादव, हे0का0 विवेक मिश्रा सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।

