संवाददाता प्रमोद कुमार जायसवाल दिल्ली द्वारकादिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 12 साल से गिरफ्तारी से बच रहे ₹50 हजार के इनामी घोषित अपराधी मनहोरन कंधासामी (62) को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी राजनीतिक और सरकारी लेटरहेड से जुड़े जालसाजी के मामले में वांछित था।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2007 में मंदिर मार्ग थाना क्षेत्र में चोरी के एक मामले की जांच के दौरान आरोपी के पास से कई छपे और खाली लेटरहेड बरामद हुए थे। जांच में ये लेटरहेड प्रतिष्ठित राजनीतिक कार्यालयों और सरकारी अधिकारियों के नाम पर बनाए गए फर्जी दस्तावेज पाए गए। इसके बाद वर्ष 2008 में जालसाजी का अलग मामला दर्ज किया गया।
आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह अदालत में पेश नहीं हुआ और फरार हो गया। वर्ष 2014 में पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। बाद में उसकी गिरफ्तारी पर ₹50 हजार का इनाम घोषित किया गया।
क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक इनपुट के जरिए आरोपी की तलाश शुरू की। करीब एक महीने की लगातार निगरानी के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपी तमिलनाडु में एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रहा है। इसके बाद फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर उसे नामक्कल जिले के तिरुचेंगोडे इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले कई वर्षों से परिवार के साथ तमिलनाडु में रह रहा था और पोल्ट्री कारोबार चला रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि जेल जाने के डर से उसने पुराने संपर्क तोड़ दिए थे और अपनी पहचान व ठिकाना छिपाकर वहां बस गया था।
इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर महिपाल सिंह, SI अंकित, SI गौरव, ASI तरुण, ASI सत्यवीर, ASI राकेश, HC नवीन, HC रामकेश, HC सुनील, HC विनोद और कांस्टेबल धर्म शामिल रहे। टीम ने ACP सेंट्रल रेंज सतेंद्र मोहन की निगरानी में कार्रवाई की।
