Highlights
- बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग का आदेश
- 2 मई को होगा पुनर्मतदान
- डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम क्षेत्र शामिल
- अनियमितताओं और धांधली की शिकायतों के बाद फैसला
- सभी बूथ दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित
- 4 मई को होगी वोटों की गिनती
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब एक अहम फैसला सामने आया है। चुनाव आयोग ने अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराने का आदेश दिया है। यह पुनर्मतदान 2 मई को कराया जाएगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।
चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, 15 बूथों पर पुनर्मतदान
चुनाव आयोग ने बंगाल विधानसभा चुनाव में आई शिकायतों के आधार पर 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराने का निर्णय लिया है। आयोग का यह कदम चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
अनियमितताओं की शिकायतों के बाद कार्रवाई
किन कारणों से लिया गया निर्णय
हाल ही में संपन्न हुए चुनाव में कई स्थानों से धांधली और मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों की जांच के बाद चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का आदेश जारी किया।
प्रभावित क्षेत्र
- डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र
- मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र
इन दोनों क्षेत्रों के कुल 15 बूथों को पुनर्मतदान के लिए चिन्हित किया गया है।
किन-किन बूथों पर होगी दोबारा वोटिंग
दक्षिण 24 परगना जिले के अंतर्गत आने वाले इन क्षेत्रों में पुनर्मतदान कराया जाएगा:
- मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 बूथ
- डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 बूथ
इन सभी बूथों पर 2 मई को मतदान प्रक्रिया फिर से आयोजित की जाएगी।

पहले ही मिल गए थे संकेत
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के आधार पर दोबारा वोटिंग कराई जा सकती है। अब आयोग के आधिकारिक आदेश के बाद यह साफ हो गया है कि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है।
4 मई को होगी मतगणना
बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर मतदान पूरा हो चुका है। अब सभी की नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब वोटों की गिनती होगी और चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
बंगाल चुनाव में 15 बूथों पर पुनर्मतदान का फैसला चुनाव आयोग की निष्पक्षता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि हर वोट की अहमियत बनी रहे और चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी रहे। अब देखना होगा कि 4 मई को आने वाले नतीजों पर इसका कितना प्रभाव पड़ता है।

