Highlights:
- पहले चरण में 91% से ज्यादा रिकॉर्ड मतदान
- दक्षिण दिनाजपुर में सबसे ज्यादा वोटिंग
- कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण मतदान
- छिटपुट झड़पें, कुछ जगह तनाव
- 4 मतदाताओं की तबीयत बिगड़ने से मौत
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। गुरुवार को 16 जिलों की 152 सीटों पर शांतिपूर्ण मतदान हुआ, जिसमें शाम 6 बजे तक करीब 91.87% वोटिंग दर्ज की गई। यह आंकड़ा पिछले चुनाव के मुकाबले काफी अधिक है और इसे रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है।
मतदाताओं में दिखा भारी उत्साह
सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूर भी बड़ी संख्या में वोट डालने पहुंचे।
किन जिलों में सबसे ज्यादा मतदान?
- दक्षिण दिनाजपुर: 94.87%
- कूचबिहार: 94.58%
- बीरभूम: 93%+
वहीं, कलिंपोंग में सबसे कम 82.98% मतदान दर्ज किया गया। चर्चित सीट नंदीग्राम में भी 91% से ज्यादा वोटिंग हुई।
पिछले चुनाव से ज्यादा वोटिंग क्यों?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार वोटिंग बढ़ने के पीछे दो बड़े कारण रहे:
- बेहतर सुरक्षा व्यवस्था
- मतदाता सूची अपडेट (SIR) के बाद जागरूकता
2021 के चुनाव में जहां करीब 81% मतदान हुआ था, वहीं इस बार यह आंकड़ा 90% से ऊपर पहुंच गया।

कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान
मतदान को शांतिपूर्ण बनाने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए थे:
- 2400+ केंद्रीय बल कंपनियां
- 2000+ क्विक रिस्पांस टीम
- 40,000 से अधिक पुलिसकर्मी
कुछ जगहों पर झड़पें
हालांकि मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ इलाकों में मामूली घटनाएं सामने आईं।
बीरभूम में पथराव की घटना हुई, जबकि आसनसोल में एक उम्मीदवार की गाड़ी पर हमला किया गया।
मतदान के दौरान 4 लोगों की मौत
मतदान के दौरान स्वास्थ्य खराब होने से चार लोगों की मौत हो गई। ये घटनाएं पश्चिम मेदिनीपुर, मालदा और बीरभूम जिलों में सामने आईं।
दिग्गज नेताओं की किस्मत EVM में कैद
पहले चरण के मतदान के साथ ही कई बड़े नेताओं का भविष्य ईवीएम में कैद हो गया है। इसमें
सुवेंदु अधिकारी और अधीर रंजन चौधरी जैसे नाम शामिल हैं।
पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण और रिकॉर्ड स्तर का रहा। अब सभी की नजरें अगले चरण और अंतिम नतीजों पर टिकी हैं।

