कोलकाता। बंगाल में चुनाव-पश्चात हिंसा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ममता बनर्जी द्वारा नई सरकार पर हिंसा के आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Shamik Bhattacharya ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को जिम्मेदार ठहराया।
Highlights
- बंगाल हिंसा को लेकर भाजपा और टीएमसी आमने-सामने
- भाजपा ने ममता बनर्जी के आरोपों को बताया राजनीतिक
- शमिक भट्टाचार्य ने टीएमसी की गुटबाजी को बताया मौतों की वजह
- भाजपा ने तीन कार्यकर्ताओं की हत्या का दावा किया
- पीएम मोदी और अमित शाह के हालात पर नजर रखने की बात कही
- कलकत्ता हाई कोर्ट में लगे नारों पर भाजपा ने जताया दुख
भाजपा ने हिंसा के आरोपों को बताया निराधार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल समर्थित उपद्रवियों ने भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या की है।
उन्होंने कहा कि राज्य में जो अन्य घटनाएं सामने आ रही हैं, उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, ये घटनाएं टीएमसी के भीतर चल रही वर्चस्व की लड़ाई और गुटबाजी का परिणाम हैं।
‘राजनीतिक हिंसा की संस्कृति पर लगा विराम’
भट्टाचार्य ने दावा किया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद वर्षों पुरानी राजनीतिक हिंसा की संस्कृति पर रोक लगी है। उन्होंने इसे बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि अब आम लोग बिना भय के जीवन जी पा रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी अराजक तत्व के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे उसका राजनीतिक प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो।
मोदी और अमित शाह की नजर बंगाल पर
भाजपा नेता ने कहा कि Narendra Modi और Amit Shah पश्चिम बंगाल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
ममता विरोधी नारों पर भाजपा ने जताया दुख
Calcutta High Court परिसर में ममता बनर्जी के खिलाफ लगे ‘चोर’ के नारों पर भी भाजपा ने प्रतिक्रिया दी। शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि इस तरह की अभद्र भाषा भाजपा की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा नहीं है।
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की पुरानी उकसावे वाली राजनीति के कारण जनता में आक्रोश पैदा हुआ है।
विपक्ष को विकास पर ध्यान देने की सलाह
भाजपा नेता ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक टकराव की राजनीति छोड़कर राज्य के औद्योगिक विकास और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों पर ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि बंगाल को राजनीतिक हिंसा से बाहर निकालकर विकास और निवेश के रास्ते पर आगे बढ़ाने की जरूरत है।
पश्चिम बंगाल में चुनाव-पश्चात हिंसा को लेकर भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। जहां ममता बनर्जी हिंसा के लिए नई सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही हैं, वहीं भाजपा इसे टीएमसी की अंदरूनी कलह का परिणाम बता रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।

