नोएडा: मध्य प्रदेश की अजनार नदी का कायाकल्प कर देशभर में तारीफें बटोरने वाले मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ ‘बिट्टू तबाही’ ने एक बार फिर कमाल कर दिखाया है। दिल्ली और गुरुग्राम में सफल सफाई अभियानों के बाद मंगलवार सुबह ‘बिट्टू तबाही’ अपनी टीम और स्थानीय वालंटियर्स के साथ नोएडा के सेक्टर-94 स्थित युवा शक्ति घाट पहुँचे।
सुबह की पहली किरण के साथ शुरू हुए इस महा-सफाई अभियान में महज 5 घंटे की मशक्कत के भीतर यमुना किनारे से रिकॉर्ड 1280 किलो कचरा साफ कर घाट की सूरत बदल दी गई।
सुबह 6 बजे से शुरू हुआ सफाई का ‘महा-यज्ञ’
ओखला बैराज के पास स्थित युवा शक्ति घाट पर जब बिट्टू तबाही अपनी टीम के साथ पहुँचे, तो यमुना का किनारा प्लास्टिक की बोतलों, पॉलीथिन, फटे कपड़ों, सड़ी-गली फूल-मालाओं और मूर्तियों के अवशेषों से पटा पड़ा था। गंदगी का मंज़र देखकर निराश होने के बजाय टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला।
सुबह 6 बजे से शुरू हुआ यह सफाई अभियान 11 बजे तक लगातार चला। स्थानीय युवाओं और शहर के वालंटियर्स ने भी हाथों में दस्ताने और थैलियां थामकर ‘बिट्टू तबाही’ का साथ दिया।
अजनार नदी से अंतर्राष्ट्रीय पहचान तक का सफर
‘बिट्टू तबाही’ के नाम से मशहूर सुरेंद्र सिंह चौधरी इससे पहले मध्य प्रदेश की अजनार नदी को अपने दम पर साफ करके सुर्खियों में आए थे। उनके इस जज्बे को दिग्गज उद्योगपति आनंद महिंद्रा से लेकर अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण संस्था ‘द ओशन क्लीनअप’ (The Ocean Cleanup) तक का समर्थन और सराहना मिल चुकी है।
हाल ही में दिल्ली में 585 किलो कचरा हटाने और गुरुग्राम के हाईवे किनारे सफाई के बाद, नोएडा में चलाया गया यह अभियान उनके तीन दिवसीय दिल्ली-एनसीआर सफाई दौरे का अंतिम चरण था।
“नदियों को कचरा पात्र न बनाएं…”
सफाई अभियान खत्म होने के बाद घाट की बदली हुई तस्वीर देखकर हर कोई हैरान रह गया। बिट्टू तबाही ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “नदियां हमारी जीवनदायिनी हैं। इन्हें पूजा सामग्री और प्लास्टिक डालकर प्रदूषित न करें। अगर हर नागरिक अपनी ज़िम्मेदारी समझ ले, तो हमारी नदियां हमेशा कल-कल बहती रहेंगी।”

