मुंबई: भारतीय सिनेमा और वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली फिल्मों की दिशा में एक बहुत बड़ा फैसला सामने आया है। वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले 99वें अकादमी पुरस्कार (Oscar 2027) के लिए फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) की जूरी ने भारत की आधिकारिक प्रविष्टि (Official Entry) का ऐलान कर दिया है। इस बार किसी बड़े बजट की बॉलीवुड फिल्म के बजाय, महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित मराठी फिल्म ‘Gondhal’ को ‘सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म’ (Best International Feature Film) श्रेणी के लिए चुना गया है।
इस घोषणा के साथ ही ‘Dhurandhar 2’ जैसी कई बहुचर्चित और बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ने वाली हिंदी फिल्में ऑस्कर की मुख्य दौड़ से बाहर हो गई हैं।
क्यों खास है मराठी फिल्म ‘Gondhal’?
‘Gondhal’ केवल एक सिनेमाई प्रस्तुति नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र के लोक संगीत, परंपरा और सामाजिक ताने-बाने को बहुत गहराई से पर्दे पर उकेरती है। फिल्म का निर्देशन अपनी यथार्थवादी शैली के लिए जाने जाने वाले प्रसिद्ध फिल्म मेकर द्वारा किया गया है।

फिल्म की मुख्य विशेषताएं:
- लोक कला का चित्रण: फिल्म का शीर्षक ‘गोंधळ’ महाराष्ट्र के एक पारम्परिक लोक कला और धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ा है, जो फिल्म के मुख्य कथानक का केंद्र बिंदु है।
- मजबूत पटकथा: यह फिल्म आधुनिक समाज और पुरानी मान्यताओं के बीच के टकराव को बहुत ही संवेदनशीलता और सिनेमाई सुंदरता के साथ पेश करती है।
- विश्वस्तरीय तकनीकी पहलू: फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर, सिनेमैटोग्राफी और अभिनय अंतरराष्ट्रीय मापदंडों पर खरे उतरते हैं, जिसने जूरी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
ऑस्कर चयन प्रक्रिया और ‘Dhurandhar 2’ का बाहर होना
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा गठित 15 सदस्यीय जूरी कमेटी ने देशभर की 25 से अधिक भाषाओं की दर्जनों फिल्मों की स्क्रीनिंग के बाद यह अंतिम निर्णय लिया। चयन समिति की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ फिल्म निर्माताओं ने बताया कि प्रतिस्पर्धा काफी कठिन थी।
| मापदंड (Selection Criteria) | विवरण (Details) |
| चुनी गई फिल्म | गोंधळ (Gondhal) – मराठी |
| मुख्य श्रेणी | सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म (Best International Feature Film) |
| प्रतियोगी फिल्में | Dhurandhar 2, क्षेत्रीय भाषा की अन्य 20+ फिल्में |
| चयन का मुख्य आधार | मूल भारतीय संस्कृति, वैश्विक अपील और भावनात्मक जुड़ाव |
जूरी के अनुसार, यद्यपि ‘Dhurandhar 2’ जैसी फिल्मों का निर्माण और बजट काफी बड़ा था, लेकिन ‘Gondhal’ की कहानी में एक ऐसी अद्वितीय भारतीयता और मौलिकता है जो अंतरराष्ट्रीय दर्शकों और ऑस्कर जूरी के दिल को छू सकती है।
भारतीय सिनेमा के लिए ऑस्कर का सफर
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बहुत तेजी से बनाई है। ‘आरआरआर’ (RRR) के ‘नाटू नाटू’ गाने को मिले ऑस्कर और ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ की ऐतिहासिक जीत के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय फिल्मों को लेकर एक नया दृष्टिकोण बना है।
फिल्म जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि ‘Gondhal’ की प्रामाणिकता और इसकी सांस्कृतिक जड़ें इसे 99वें अकादमी पुरस्कारों में नामांकन (Nomination) पाने का एक बहुत मजबूत दावेदार बनाती हैं।

इंडस्ट्री से प्रतिक्रियाएं और आगे की राह
‘Gondhal’ के चयन की खबर आते ही मराठी सिनेमा जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है। फिल्म के निर्देशक और कलाकारों ने फिल्म फेडरेशन का आभार व्यक्त करते हुए इसे पूरे भारतीय सिनेमा की जीत बताया है।
अब अगला चरण अमेरिका में ऑस्कर एकेडमी के सदस्यों के सामने फिल्म की स्क्रीनिंग और एक व्यापक ‘ऑस्कर कैंपेन’ (Oscar Campaign) चलाने का होगा, ताकि फिल्म को अंतिम 5 नामांकनों में जगह मिल सके।

