नूंह/तावडू/फरीदाबाद | 20 जुलाई
कामधेनु आरोग्य वैलनेस संस्थान में रविवार को वन महोत्सव, मासिक हवन एवं निशुल्क चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों, गोभक्तों एवं समाजसेवियों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा और जनकल्याण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विनोद कुमार, भागवताचार्य ठाकुर संजीव कृष्ण जी, गुरुग्राम के चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट सुभाष चंद्र यादव सहित हरियाणा और देशभर से कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मासिक हवन से हुआ, जिसका संचालन आदर्श गर्ग ने किया। हवन में विभिन्न परिवारों के जन्मदिवस, विवाह वर्षगांठ, स्वास्थ्य लाभ एवं दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए आहुतियां अर्पित की गईं तथा विश्व कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की गई।
संस्थान के महामंत्री प्रियंक गुप्ता ने मंच संचालन किया, जबकि अतिथियों का स्वागत गोगुल्लक, तुलसी का पौधा, कामधेनु स्मृति चिन्ह और पटका भेंट कर किया गया।
संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. एस.पी. गुप्ता ने बताया कि संस्थान में प्रत्येक वर्ष तीन बार वन महोत्सव आयोजित किया जाता है तथा नियमित रूप से मासिक हवन भी संपन्न होता है। उन्होंने कहा कि गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और आयुर्वेद को बढ़ावा देना संस्थान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने पंचगव्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और स्वास्थ्य दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्य अतिथि सुभाष चंद्र यादव ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान “एक पेड़ माँ के नाम” को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने सभी लोगों से कम से कम दो पौधे लगाने की अपील की।
न्यायमूर्ति विनोद कुमार ने अपने संबोधन में गौसंरक्षण, ग्रामीण व्यवस्था और पर्यावरण के संरक्षण को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि गौमाता और वन एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इनके संरक्षण से समाज और प्रकृति दोनों का संतुलन बना रहता है।
ठाकुर संजीव कृष्ण जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में गौसेवा, परोपकार और भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति निस्वार्थ भाव से समाज और प्रकृति की सेवा करेगा तो एक स्वस्थ और समृद्ध भारत का निर्माण संभव होगा।
कार्यक्रम के दौरान अमेरिका से आईं उषा जैन ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की सराहना करते हुए भजन प्रस्तुत किया। वहीं मास्टर रिशान गुप्ता ने “नीड़ का पेड़” विषय पर कविता सुनाकर सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत अतिथियों एवं उपस्थित लोगों ने वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया तथा निशुल्क चिकित्सा शिविर का लाभ भी उठाया। इसके बाद सभी अतिथियों ने कामधेनु मंदिर एवं संस्थान का भ्रमण किया, गौवंश को सवामणि और हरा चारा अर्पित किया तथा प्रसाद ग्रहण किया।
संस्थान की संस्थापक अध्यक्षा शशि गुप्ता ने सभी अतिथियों, संतों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा और समाजहित के कार्यों में निरंतर सहयोग की अपील की।

