उत्तराखंड के नैनीताल में बढ़ती गर्मी और सूखे मौसम का असर अब जंगलों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बल्दियाखान क्षेत्र में रविवार सुबह लगी जंगल की आग 30 घंटे बाद भी पूरी तरह नहीं बुझ सकी है। तेज हवाओं और चीड़ के जंगलों में फैली पिरुल के कारण आग लगातार फैलती हुई पटवाडांगर क्षेत्र तक पहुंच गई, जिससे आसपास के आबादी वाले इलाकों में हड़कंप मच गया है।
आबादी क्षेत्र तक पहुंचीं आग की लपटें
आग के तेजी से फैलने के कारण क्षेत्रवासियों में डर और दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय आग की ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं। कई जगह धुआं आबादी क्षेत्र तक पहुंच गया, जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हुई।
वन विभाग और दमकल विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी हुई हैं, लेकिन तेज हवाओं के कारण आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका है।
रविवार सुबह लगी थी आग
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह बल्दियाखान क्षेत्र के जंगलों में आग लगी थी। वन विभाग और दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद शाम करीब तीन बजे आग पर काबू पा लिया था, लेकिन देर शाम आग एक बार फिर भड़क उठी।
रात होते-होते तेज हवाओं ने आग को और भयानक बना दिया। पूरी रात वन विभाग और दमकल विभाग की टीमें आग बुझाने में जुटी रहीं, लेकिन आग लगातार फैलती रही।
पटवाडांगर तक पहुंची आग
सोमवार को आग बढ़ते हुए पटवाडांगर क्षेत्र तक पहुंच गई। चीड़ बहुल जंगलों में फैली सूखी पिरुल के कारण आग तेजी से फैल रही है। वन विभाग के अनुसार बड़े हिस्से में आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन अब भी एक ग्रिड में आग धधक रही है।
आग से जंगलों की वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही वन्य जीवों के लिए भी यह आग बड़ा खतरा बन गई है। कई छोटे वन्य जीवों और पक्षियों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
वन विभाग ने क्या कहा?
डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि वन विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने के काम में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि हवाओं और जंगल में पिरुल की अधिकता के कारण आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि यदि हवाओं का रुख सामान्य रहा तो रात तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया जाएगा। फिलहाल वन विभाग और दमकल विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर तैनात हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
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