पूर्वी दिल्ली। कृष्णानगर इलाके में एक कारोबारी से करीब 30 लाख रुपये लूटे जाने के मामले में शाहदरा जिला पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आठ घंटे के भीतर चार आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 19.05 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई चोरी की स्कूटी, एक देशी पिस्तौल और लूट की रकम से खरीदे गए तीन आईफोन बरामद किए हैं।
स्कूटी से पीछा कर वारदात को दिया अंजाम
पुलिस के मुताबिक, विवेक विहार फेज-2 में रहने वाले कारोबारी संजय जैन शुक्रवार को करीब 30 लाख रुपये लेकर गांधी नगर स्थित अपनी रेडीमेड कपड़ों की दुकान की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान कृष्णानगर के ई-ब्लॉक इलाके में स्कूटी सवार चार लोगों ने उनका पीछा किया। आरोप है कि बदमाशों ने मौका देखकर कारोबारी के हाथ से नकदी से भरा लाल रंग का बैग छीना और विजय चौक की दिशा में फरार हो गए।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपियों में पीछे बैठे एक युवक के हाथ पर पट्टी बंधी हुई थी। यह जानकारी जांच में पुलिस के लिए अहम सुराग बनी।
सीसीटीवी से मिला आरोपियों तक पहुंचने का सुराग
वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने इलाके और आरोपियों के संभावित भागने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की। फुटेज में स्कूटी की गतिविधियों का पता लगाने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और लोकेशन पर काम किया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दीपक, उमंग उर्फ मंगू उर्फ अमन और दो 17 वर्षीय किशोरों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दीपक की भूमिका कथित तौर पर वारदात की योजना बनाने और अन्य आरोपियों को कारोबारी के पास मौजूद रकम की जानकारी देने में सामने आई है।
जांच में यह भी पता चला कि उमंग के खिलाफ शाहदरा थाने में पहले से आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
लूट के पैसों से खरीदे आईफोन
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लूट के बाद रकम का कुछ हिस्सा अपने खर्च में इस्तेमाल किया। करीब 80 हजार रुपये पार्टी और अन्य खर्चों में खर्च किए जाने की बात सामने आई है।
इसके अलावा लूट की रकम से तीन नए आईफोन खरीदे जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। जांच टीम ने इन फोन को भी बरामद कर लिया है।
एक अन्य आरोपी की तलाश जारी
पुलिस की जांच में कैफ नाम के एक अन्य व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है। वह फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
जांच एजेंसियां लूटी गई रकम की बाकी राशि बरामद करने के साथ यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि गिरफ्तार आरोपी इससे पहले किसी अन्य आपराधिक वारदात में शामिल रहे हैं या नहीं।

