HighLights
- राघव चड्ढा ने AAP छोड़ने के पीछे बताए कारण
- पार्टी में ‘टॉक्सिक माहौल’ और काम करने में बाधा का आरोप
- 6 अन्य सांसदों के साथ BJP में हुए शामिल
- बोले – अब भी जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे
चंडीगढ़/नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने बड़ा बयान देते हुए पार्टी के अंदरूनी माहौल पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर कहा कि पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही और इसमें काम करना मुश्किल हो गया था।
राघव चड्ढा ने बताया कि राजनीति में आने से पहले उनका एक सफल पेशेवर करियर था, जिसे उन्होंने जनसेवा के उद्देश्य से छोड़ा था। उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्माण में उन्होंने कई सालों तक मेहनत की, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
‘काम करने से रोका जाता था’
चड्ढा के मुताबिक, पार्टी के भीतर ऐसा वातावरण बन गया था जहां नेताओं को खुलकर काम करने या अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में बोलने तक पर रोक लगाई जाती थी।
‘भ्रष्ट लोगों का बढ़ा प्रभाव’
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कुछ ऐसे लोगों के प्रभाव में आ गई है, जो व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनके अनुसार, यही कारण है कि उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया।
तीन विकल्पों में से चुना रास्ता
चड्ढा ने कहा कि उनके सामने तीन विकल्प थे — राजनीति छोड़ना, पार्टी में रहकर सुधार की कोशिश करना या नई दिशा में आगे बढ़ना। अंततः उन्होंने तीसरा विकल्प चुना और अन्य सांसदों के साथ पार्टी छोड़ दी।
BJP में शामिल होने का फैसला
हाल ही में राघव चड्ढा ने छह अन्य सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान किया था। इसे AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
जनता के मुद्दे उठाने का वादा
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी बदलने के बावजूद वह जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे और समाधान निकालने की दिशा में काम करेंगे।
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