उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जोगिया कोतवाली क्षेत्र के जनियाजोत गांव में जिस घर में शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अचानक मातम पसर गया। सोमवार को दिन में मंदिर में सात फेरे लेने वाले नवविवाहित जोड़े के शव शादी की ही रात कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिले।
मृतकों की पहचान देशराज चौहान और अनिता के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन अनिता के पिता ने देशराज के मोबाइल पर तीन बार फोन किया था। अब पुलिस इन तीन कॉल को जांच की सबसे अहम कड़ी मानकर आगे बढ़ रही है।
मंदिर में हुई थी शादी, बहुभोज के बाद पसरा सन्नाटा
देशराज मुंबई में काम करता था और करीब 20 दिन पहले ही अपने गांव लौटा था। अनिता और देशराज के बीच काफी समय से दोस्ती थी, जिसकी जानकारी दोनों परिवारों को थी। दोनों पक्षों की सहमति से पहले अप्रैल में शादी तय हुई थी।
हालांकि, अनिता करीब 12 दिन पहले अपने मायके से देशराज के घर पहुंच गई थी। इसके बाद परिजनों ने समय से पहले ही दोनों का विवाह कराने का फैसला लिया। सोमवार को टेकधर बाबा मंदिर में परिवार की मौजूदगी में दोनों का विवाह हुआ, जिसके बाद घर पर बहुभोज का आयोजन किया गया था।
सुबह भोर में कमरे में दिखे दो शव
सोमवार रात बहुभोज के बाद परिवार के सभी लोग सोने चले गए। मंगलवार तड़के करीब तीन बजे देशराज की मौसी अनिता को उठाने कमरे में गईं। जब उन्होंने दरवाजा खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए।
लगभग 10 फुट लंबे-चौड़े कमरे में देशराज का शव फंदे से लटका हुआ था, जबकि अनिता का शव फर्श पर पड़ा मिला। कमरे का बिस्तर सामान्य हालत में था और अनिता के शरीर पर किसी तरह की चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत का कारण फंदे से लटकना ही सामने आया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि बंद कमरे के भीतर आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों को यह कदम उठाना पड़ा।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि अनिता अपने मायके वालों से देशराज के फोन से ही बात करती थी। घटना के दिन पिता द्वारा किए गए तीन फोन कॉल की समय सीमा, अवधि और बातचीत के तथ्यों को पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के जरिए खंगाल रही है।
मायके पक्ष ने शव लेने से किया इन्कार
घटनाक्रम में एक मोड़ तब आया जब बहुभोज में अनिता के मायके से कोई शामिल नहीं हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद अनिता के पिता ने शव लेने से भी साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि बेटी अब दूसरे की अमानत है, इसलिए उसका अंतिम संस्कार ससुराल वाले ही करें। दोनों के अंतिम संस्कार में मायके पक्ष का कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ।
सीओ बांसी शुबेन्दु सिंह का बयान: “पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत फंदे से लटकने के कारण होने की पुष्टि हुई है। देशराज के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। घटना से ठीक पहले हुई बातचीत और अन्य तथ्यों के आधार पर जल्द ही मौत के सही कारणों का पता लगा लिया जाएगा।”
पुलिस फिलहाल शादी से पहले की परिस्थितियों और पारिवारिक सहमति-असहमति के पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

