पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सशक्त करते हुए 7 जुलाई 2026 को सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एसडीआईईटी), फरीदाबाद में “नेट ज़ीरो स्ट्रेटेजी फॉर कैंपस” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सरोज मिश्रा, पूर्व ट्रेड कमिश्नर, कैनेडियन हाई कमीशन, भारत रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों, नेट ज़ीरो रणनीति, कार्बन उत्सर्जन में कमी, हरित परिसर (ग्रीन कैंपस) की आवश्यकता तथा शैक्षणिक संस्थानों की पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यदि शैक्षणिक संस्थान सतत विकास को अपनी कार्यसंस्कृति का हिस्सा बना लें तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
कार्यशाला में संस्थान के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा कैंपस को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने के विभिन्न उपायों पर सार्थक चर्चा की। प्रतिभागियों ने संस्थान को नेट ज़ीरो कैंपस बनाने की दिशा में सक्रिय योगदान देने का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर एसडीआईईटी के माननीय अध्यक्ष डॉ. वीरेश दत्ता ने अपने संदेश में कहा, “शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों एवं समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। ‘नेट ज़ीरो स्ट्रेटेजी फॉर कैंपस’ जैसी पहलें हमारे हरित, स्वच्छ एवं सतत भविष्य के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हमें विश्वास है कि एसडीआईईटी पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा।”
संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र त्यागी ने कहा, “वर्तमान समय में सतत विकास केवल एक विचार नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता है। इस कार्यशाला के माध्यम से हमारे शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा प्रबंधन तथा नेट ज़ीरो कैंपस की दिशा में प्रभावी रणनीतियों की जानकारी प्राप्त हुई है। एसडीआईईटी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व निभाने के लिए निरंतर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।”
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस प्रकार की पहलें एसडीआईईटी की सामाजिक उत्तरदायित्व, नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा हरित भविष्य के निर्माण के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

